जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर देखे गए संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन, सेना प्रमुख की चेतावनी के भी नहीं सुधरा पड़ोसी
जम्मू-कश्मीर के सांबा और पुंछ में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया. सेना ने निगरानी बढ़ाई और फायरिंग की. DGMO वार्ता में भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी, ड्रोन गतिविधियों पर सतर्कता जारी.

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. रामगढ़ सेक्टर के केसो महांसन गांव के आसपास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली है. इस इनपुट के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए सघन तलाशी और निगरानी अभियान शुरू कर दिया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.
पुंछ में भी दिखी ड्रोन जैसी वस्तु
सिर्फ सांबा ही नहीं, बल्कि पुंछ जिले में भी ड्रोन जैसी गतिविधि देखी गई. शाम करीब 7:30 बजे देगवार गांव के ऊपर लगभग दस मिनट तक आसमान में एक संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु नजर आई. इसे ड्रोन मानते हुए भारतीय सेना ने एहतियातन कुछ राउंड फायरिंग की, ताकि उसे निष्क्रिय किया जा सके. हालांकि, इस घटना में किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और निगरानी को और सख्त कर दिया गया.
लगातार बढ़ रही हैं ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं
पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से ड्रोन देखे जाने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, हथियार या नशीले पदार्थ गिराने जैसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि सीमा पार से शरारती तत्व नई तकनीकों के जरिए घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान को दी गई कड़ी चेतावनी
इस बीच, भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ड्रोन गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मानवरहित हवाई वाहनों की गतिविधि भारत के लिए अस्वीकार्य है. हाल ही में पाकिस्तान के साथ सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) स्तर की बातचीत में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया.
DGMO वार्ता में उठी ड्रोन गतिविधि की चिंता
सेना प्रमुख ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि DGMO स्तर की वार्ता के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर में देखी गई ड्रोन गतिविधियों पर गंभीर आपत्ति जताई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से कहा गया है कि वह अपने ड्रोन संचालन पर सख्त नियंत्रण लगाए. साथ ही, यह भी दोहराया गया कि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की दुस्साहसिक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.
किस तरह के ड्रोन हैं ये?
जनरल द्विवेदी के अनुसार, हाल में देखे गए ड्रोन आकार में छोटे और रक्षात्मक प्रकृति के प्रतीत होते हैं. आशंका है कि इन्हें सीमा पार से भारतीय सैन्य और सुरक्षा गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. फिलहाल, ऑपरेशन सिंदूर के तहत पश्चिमी मोर्चे पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी खतरे को नाकाम किया जा सके.


