सेना प्रमुख की कड़ी चेतावनी के बावजूद बाज नहीं आ रहा PAK, राजौरी में फिर दिखे संदिग्ध ड्रोन...हाई अलर्ट पर इंडियन आर्मी
जम्मू-कश्मीर के राजौरा सेक्टर में कुछ दिनों से लगातार ड्रोन देखे जा रहे हैं. पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह साफ कह दिया है कि LOC के पास किसी भी तरह की ड्रोन गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी. लेकिन इसके बावजूद आज यानि 13 जनवरी को एक बार फिर से राजौरी सेक्टर में ड्रोन गतिविधि देखी गई है.

राजौरी : जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास एक बार फिर संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आई है. यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पाकिस्तान को ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी दे चुके हैं. उसी दिन राजौरी सेक्टर में दो ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत काउंटर मेजर्स शुरू कर दिए और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
सेना प्रमुख की चेतावनी के बाद ड्रोन मूवमेंट
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लगातार जारी है.
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
नौशेरा और सांबा में भी अलर्ट
राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के पास शाम करीब 6:35 बजे एक ड्रोन दिखने पर सेना के जवानों ने लाइट और मीडियम मशीन गनों से फायरिंग की थी. इसके अलावा तेरयाथ क्षेत्र के खब्बर गांव के पास भी एक ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई थी, जिसमें ब्लिंकिंग लाइट नजर आ रही थी. बताया गया कि यह वस्तु कलाकोट के धरमसाल गांव की दिशा से आई और भराख की ओर बढ़ते हुए ओझल हो गई.
इसी तरह सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बबराल गांव में भी एक ड्रोन कुछ समय तक मंडराता हुआ देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया.
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क
लगातार सामने आ रही ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं. ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक या मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका को नकारा नहीं जा सकता. ऐसे में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी घुसपैठ या साजिश को नाकाम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.


