नंगे पांव अरदास कर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष नतमस्तक हुए सीएम भगवंत मान, बोले - 'सिख धर्म की शिक्षाओं को फैलाना हमारा फर्ज'
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नंगे पांव अरदास कर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर जत्थेदार साहिब के सामने अपने बयानों का स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता में पूर्ण विश्वास रखते हैं और इसके हर फैसले को सिर-माथे मानेंगे.

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर अपना पूरा दिन समर्पित कर दिया. नंगे पांव अरदास करने के बाद उन्होंने जत्थेदार साहिब के सामने पेश होकर अपने पूर्व बयानों पर विस्तार से स्पष्टीकरण दिया. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता में पूर्ण विश्वास रखते हैं और इसके हर फैसले को सिर-माथे मानते हैं.
जत्थेदार साहिब के सामने पेश होकर दिया स्पष्टीकरण
श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार साहिब के समक्ष पेश होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा, “जत्थेदार साहिब के हुक्म पर मैं एक विनम्र सिख के रूप में यहां उपस्थित हुआ हूं. उठाए गए सभी सवालों का जवाब दिया है. श्री अकाल तख्त साहिब समूचे सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और मेरे लिए भी सर्वोच्च है,”
मुख्यमंत्री ने बताया कि जत्थेदार साहिब ने उनका बयान दर्ज कर लिया है और अब सिंह साहिबानों के साथ विचार-विमर्श के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.
“जत्थेदार साहिब के हर फैसले का पालन करूंगा”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की अथॉरिटी को चुनौती देने का कोई सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा, “मैं जत्थेदार साहिब के हर फैसले का पालन करूंगा. आज यहां पेश होकर मेरे मन को गहरा सुकून और आंतरिक शांति मिली है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे रोजाना पंजाब और पंजाबियों की चढ़दी कला के लिए अरदास करते हैं. उनका सिर हर धार्मिक स्थल के आगे झुकता है और वे पंजाब का सच्चा सेवक हैं.
विरोधी ताकतों के कथानक को बताया बेबुनियाद
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब और पंजाब सरकार के बीच कथित टकराव की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया. उन्होंने कहा कि यह सब विरोधी ताकतों द्वारा गढ़ा गया झूठा कथानक है. “श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कमजोर करने का कोई इरादा नहीं है. मेरी सरकार सिर्फ पंजाब की तरक्की और लोगों की भलाई के लिए काम करती है.”
25-30 हजार पन्नों की शिकायतें सौंपीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने जत्थेदार साहिब को 25,000 से 30,000 पन्नों की शिकायतें सौंपी हैं. ये शिकायतें शिरोमणि कमेटी के कामकाज में अनियमितताओं से जुड़ी हैं. उन्होंने विनम्रता से अनुरोध किया कि इन शिकायतों की जांच हो, क्योंकि लाखों सिखों की भावनाएं इससे जुड़ी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “संस्थाएं सर्वोच्च होती हैं, लेकिन उनके मुखिया गलती कर सकते हैं. गलत कामों के लिए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए.”
लापता सरूपों की जांच के लिए SIT का गठनश्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता सरूपों की जांच के लिए SIT गठित करने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं है. उनका उद्देश्य सिर्फ लापता सरूपों का पता लगाना है ताकि उनकी दुरुपयोग की कोई संभावना न रहे. उन्होंने जत्थेदार साहिब से अनुरोध किया कि शिरोमणि कमेटी को निर्देश दिए जाएं कि हर प्रकाशित सरूप को यूनिक कोड दिया जाए.
पुलिस को निर्देश हैं कि सरूप मिलने पर धार्मिक स्थलों की इमारतों में प्रवेश न किया जाए।मुख्यमंत्री ने जत्थेदार साहिब का धन्यवाद किया कि उन्होंने उन्हें सिख रहित मर्यादा और गुरुद्वारा एक्ट से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट कीं.


