दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के बीच केंद्र का बड़ा फैसला, बुलाई गई CRPF की 10 और कंपनियां
NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली में जारी छात्र प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. राजधानी में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की जा रही है. केंद्र सरकार ने CRPF की 10 अतिरिक्त कंपनियों को हवाई मार्ग से दिल्ली बुलाया है.

नई दिल्ली: दिल्ली में पिछले कई दिनों से जारी छात्र प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है. प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा तैयारियों को देखते हुए केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में तैनात जवानों की छुट्टियों को भी सीमित कर दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 10 अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने दिल्ली मेट्रो यूनिट में तैनात अपने कर्मचारियों की छुट्टियों को भी रद्द कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए राजधानी और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त जवानों की जरूरत है.
पिछले करीब एक महीने से NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर से प्रदर्शनकारी दिल्ली में जुट रहे हैं. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं. इसी बीच सरकार ने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं.
दिल्ली में हुई रिव्यू मीटिंग में क्या फैसला?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती को लेकर अहम फैसला लिया गया. बैठक में तय किया गया कि स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में तैनात होने वाली सभी CAPF यूनिट्स को तय योजना से पहले राष्ट्रीय राजधानी में रिपोर्ट करना होगा. अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली में करीब 150 CAPF कंपनियों की तैनाती की जा सकती है. एक CAPF कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं.
फिलहाल दिल्ली पुलिस की सहायता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 100 CAPF कंपनियां पहले से ही राजधानी में तैनात हैं. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक CRPF की अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. इससे राजधानी में केंद्रीय बलों की मौजूदगी और बढ़ने की उम्मीद है.
बंगाल से CRPF की 20 कंपनियां पहले ही लाई जा चुकी हैं
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पश्चिम बंगाल से दिल्ली तक CRPF की 20 कंपनियों को एयरलिफ्ट किया जा चुका है. राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तीन यूनिट के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (SSB), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों की भी तैनाती की गई है.
अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता है. इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं. इसी वजह से अलग-अलग केंद्रीय बलों के जवानों को पहले से राजधानी में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा भी बढ़ाई गई
CISF अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो यूनिट में तैनात जवानों को फिलहाल केवल आपात स्थिति में ही छुट्टी दी जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त जवानों की जरूरत महसूस की जा रही है. CISF दिल्ली मेट्रो के करीब 250 स्टेशनों की सुरक्षा संभालता है. इन स्टेशनों पर आतंकवाद रोधी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 13,000 जवान तैनात हैं. प्रदर्शन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच पिछले चार दिनों से दिल्ली मेट्रो के 15 से 17 स्टेशनों को बंद रखा गया है.


