तबीयत बिगड़ने के बाद सोनिया गांधी सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर दिया अपडेट
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को तबीयत खराब होने पर दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है. परिवार के सदस्य भी अस्पताल पहुंचे.

नई दिल्ली: दिल्ली से एक चिंताजनक खबर सामने आई, जहां कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. देर रात उन्हें श्री गंगा राम अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच हलचल बढ़ गई. हालांकि राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने उनकी हालत को स्थिर बताया है.
मंगलवार रात सोनिया गांधी को असहज महसूस हुआ, जिसके बाद तुरंत उन्हें दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मौसम में बदलाव के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हुई थी. फिलहाल डॉक्टरों की एक टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और जरूरी जांच की जा रही है.
डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य स्थिर
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी की हालत फिलहाल गंभीर नहीं है. उन्हें एहतियात के तौर पर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित समस्या को समय रहते संभाला जा सके. अभी तक अस्पताल की ओर से कोई विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.
परिवार भी पहुंचा अस्पताल
सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी अस्पताल पहुंच गए. दोनों ने डॉक्टरों से उनकी सेहत की जानकारी ली और कुछ समय तक वहीं मौजूद रहे. इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी हालचाल जानने के लिए संपर्क में रहे. वहीं यह खबर सामने आई, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चिंता का माहौल बन गया. हालांकि, पार्टी से जुड़े सूत्र लगातार यह आश्वासन दे रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है और सोनिया गांधी जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगी.
पहले भी रही हैं स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें
यह पहला मौका नहीं है जब सोनिया गांधी को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है. पिछले कुछ महीनों में भी उन्हें कई बार इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा. जनवरी 2026 में सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें भर्ती किया गया था. उस समय डॉक्टरों ने बताया था कि ठंड और प्रदूषण की वजह से उनका अस्थमा बढ़ गया था.
इसके अलावा, वर्ष 2025 में भी उन्हें पेट से जुड़ी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस दौरान भी डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक निगरानी में रखा था, जिसके बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था. डॉक्टरों का कहना है कि उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है. इसी वजह से उन्हें अस्पताल में रखकर उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की जटिलता से बचा जा सके.


