सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र लेने नहीं पहुंचे रिंकू सिंह, CM योगी के हाथों मिलना था लेटर

लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी का नियुक्ति पत्र मिलना था, लेकिन वे शामिल नहीं हो सके. इस दौरान अन्य खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी, पुरस्कार और सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया.

Shraddha Mishra

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान उस वक्त सभी की नजरें एक नाम पर टिक गईं, लेकिन वह शख्स वहां मौजूद नहीं था. भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलने वाला था, लेकिन किसी अपरिहार्य कारण की वजह से वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके. उनकी अनुपस्थिति ने कार्यक्रम में हल्की चर्चा जरूर पैदा कर दी.

उत्तर प्रदेश सरकार ने रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है. उन्हें यह नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मिलना था. हालांकि वे समारोह में नहीं पहुंचे, लेकिन उनकी नियुक्ति तय मानी जा रही है. इस कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए.

हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल और पैरालंपिक हाई जंप खिलाड़ी प्रवीण कुमार को डीएसपी पद पर नियुक्त किया गया. वहीं, भाला फेंक के खिलाड़ी अजीत सिंह और एथलेटिक्स की खिलाड़ी सिमरन को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया गया. प्रीतिपाल को खंड विकास अधिकारी का पद दिया गया.

लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से नवाजे गए खिलाड़ी

समारोह में पांच खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित लक्ष्मण अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया. इस अवॉर्ड के तहत खिलाड़ियों को 3.11 लाख रुपये की राशि, एक कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र दिया गया. सम्मानित खिलाड़ियों में हॉकी के उत्तम सिंह, जिम्नास्टिक के अभिजीत कुमार, कुश्ती के जोंटी कुमार, पैरा कैनोइंग के यश कुमार और पैरा एथलेटिक्स के प्रवीण कुमार शामिल हैं.

चार महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. इसमें एथलेटिक्स की प्राची और तान्या चौधरी, पैरा टेबल टेनिस की प्रगति केसरवानी और शतरंज की वंतिका अग्रवाल शामिल हैं. सभी को नकद राशि, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.

पदक विजेताओं को मिला नकद इनाम

इस मौके पर 14 पदक विजेता खिलाड़ियों को भी आर्थिक सहायता दी गई. पैरा पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी विनय को सबसे अधिक 40 लाख रुपये का पुरस्कार मिला. इसके अलावा वुशु, शूटिंग, पर्वतारोहण और सॉफ्ट टेनिस के खिलाड़ियों को भी अलग-अलग राशि से सम्मानित किया गया.

सरकार की खेल नीति पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने का भरोसा दिलाया और कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं. समारोह में मौजूद खिलाड़ियों ने सरकार की नीतियों और सहयोग की सराहना की. उनका कहना था कि इस तरह के प्रोत्साहन से युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और वे देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं.

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