ईरान ने मानी 'परमाणु हथियार न रखने' की शर्त? होर्मुज को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमत हो गया है और अमेरिका को बड़ा “तोहफा” दिया है. हालांकि, समझौते की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है और ईरान ने बातचीत से इनकार किया है.

Shraddha Mishra

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक नई और अहम जानकारी सामने आई है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उनके अनुसार, ईरान ने एक महत्वपूर्ण रियायत देते हुए यह मान लिया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की बात पर सहमति जताई है. हालांकि उन्होंने इस समझौते के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन इसे एक सकारात्मक कदम बताया. ट्रंप के इस बयान को अमेरिका की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है.

‘बड़े उपहार’ का जिक्र

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक “बहुत बड़ा उपहार” दिया है. उन्होंने संकेत दिया कि यह मामला तेल और गैस से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, उन्होंने इस “उपहार” के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे इस पर और ज्यादा सवाल खड़े हो रहे हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रियायत होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी हो सकती है. यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. अगर यहां कोई रुकावट आती है, तो इसका असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ता है. हाल के तनाव के कारण इस मार्ग को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई थी.

अमेरिका का दावा- मिशन सफल

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है. उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास पहले जैसी ताकत नहीं बची है. ट्रंप ने इस पूरे अभियान को “बेहद सफल” बताया और कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में आगे है.

बातचीत जारी, लेकिन विरोधाभास भी

एक ओर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान समझौते के लिए तैयार है. वहीं दूसरी ओर, ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है, जिससे स्थिति और उलझी हुई नजर आती है.

टीम कर रही है बातचीत

ट्रंप ने बताया कि इस बातचीत में अमेरिका की ओर से कई बड़े नेता शामिल हैं. इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो इस पूरे मामले को संभाल रहे हैं. हालांकि ट्रंप के दावे की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. “उपहार” और समझौते की शर्तों को लेकर स्पष्ट जानकारी न होने के कारण स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है.

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