दिनेश त्रिवेदी बने बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त, कूटनीति में बड़ा दांव
भारत ने दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है, जिसे कूटनीतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उनका अनुभव और बदलते बांग्लादेशी राजनीतिक हालात भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा दे सकते हैं.

भारत सरकार ने वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में अपना नया उच्चायुक्त नियुक्त करने का निर्णय लिया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद जारी है. दोनों देश आपसी संबंधों को संतुलित व मजबूत बनाए रखने की दिशा में प्रयासरत हैं. ऐसे में त्रिवेदी की तैनाती को कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है.
केंद्र सरकार में रेल मंत्री रह चुके हैं दिनेश त्रिवेदी
दिनेश त्रिवेदी, पहले केंद्र सरकार में रेल मंत्री रह चुके हैं. अब वे बांग्लादेश में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. उनकी नियुक्ति को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खासकर पश्चिम बंगाल की राजनीति को ध्यान में रखते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी की एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है.
त्रिवेदी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है. वे एक समय तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में रेल मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. हालांकि बाद में उन्होंने टीएमसी से दूरी बना ली और वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए.
प्रणय वर्मा की जगह लेंगे दिनेश त्रिवेदी
नई जिम्मेदारी के तहत त्रिवेदी अब बांग्लादेश में वर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा की जगह लेंगे. वहीं, प्रणय वर्मा को यूरोपीय संघ में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है और वे ब्रसेल्स में अपनी नई भूमिका निभाएंगे. यह बदलाव भारत की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में हाल के वर्षों में आए बदलावों का असर भारत के साथ उसके संबंधों पर भी पड़ा है. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में नई सरकार बनी. इस दौरान अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में कुछ तनाव उत्पन्न हुआ. हालांकि हालिया आम चुनावों में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
यदि त्रिवेदी के पुराने कार्यकाल की बात करें तो यूपीए सरकार में उन्होंने रेल मंत्री के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया. वर्ष 2012 में रेल बजट के दौरान किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके चलते उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा.
दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं दिनेश त्रिवेदी
4 जून 1950 को जन्मे दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की बैरकपुर सीट से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और राज्यसभा में भी उनका अनुभव रहा है. अब उनका यह अनुभव भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकता है.


