ED रेड से मुसीबत में पूर्व CM विजयन और उनकी बेटी, 10 ठिकानों पर छापेमारी
वामपंथ का गढ़ माने जाने वाले केरल की राजनीति में पूरी तरह से हड़कंप मचा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पैसे के लेन-देन में अनियमितताओं से जुड़ा मामला सामने आने के बाद ईडी कई ठिकानों की खंगालने में जुट गई है।

हाइलाइट
- वामपंथ का गढ़ माने जाने वाले केरल की राजनीति में पूरी तरह से हड़कंप मचा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पैसे के लेन-देन में अनियमितताओं से जुड़ा मामला सामने आने के बाद ईडी कई ठिकानों की खंगालने में जुट गई है।
तिरुवंनतपुरम : वामपंथी अड्डा केरल अब सुर्खियों में आ गया है। इधर केरल में नई सरकार गठन हुआ और उधर केंद्रीय एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। केरल के पूर्व सीएम विजयन और उनकी बेटी के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने केरल में 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के ठिकाने शामिल हैं। अभी तक दस ठिकानों को खंगाला गया है अभी कई जगहों पर छापेमारी हो सकती है। बताया जा रहा है कि ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी हुई है। इस मामले में पूर्व सीएम विजयन की बेटी और उनकी कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया था। यह मामला कोच्चि में मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े कथित अवैध भुगतानों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
कैसे सामने आया पूरा मामला
ईडी की छापेमारी का आधार SFIO यानी ( Serious Fraud Investigation Office) द्वारा दायर चार्जशीट है। आपको बता दें SFIO वित्त मंत्रालय की ऐसी संस्था हो जो कंपनियों पर लगले गंभीर आरोपों की जांच करती है और फिर अपनी जांच की रिपोर्ट या यूं कहें कि चार्जशीट जमा करती है जिसके बाद जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई शुरू करती हैं। SFIO ने वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कंपनी को कोच्चि स्थित कोच्चि मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड से 2018-2019 में तीन साल तक बिना कोई सेवा दिए अवैध भुगतान प्राप्त हुए। 2017 में एक्सालॉजिक और CMRL के बीच सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया गया था लेकिन जांच में पाया गया कि निर्धारित सेवाएं प्रदान ही नहीं की गई है। इतना ही नहीं इस पूरे विवाद का जन्म 2017 में हुआ में हुआ जब पिनाराई विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक ने कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल के साथ और सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए एक औपचारिक अनुबंध किया था। आरोप है कि इस अनुबंध की आड़ में बिना काई काम किए करोड़ों रूपयों की संदिग्ध लेन देन किया गया। इस कथित वित्तीय गड़बड़ी का खुलास सबसे पहले साल 2019 में हुआ जब आयकर विभाग ने सीएमआरएल के कैंपस में छापेमारी की थी। आयकर ने छापेमारी के बाद एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी की कंपनी को किए गए संदिग्ध भुगतानों का पहली बार आधिकारिक तौर पर जिक्र किया गया था। इसके बाद यह विवाद बढ़ गया जिसके बाद केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 में इस गंभीर आरोपों की जांच के लिए SFIO को आदेश दिए थे। आपको बता दें कि सीएमआरएल में सरकार संस्था केएसआईडीसी ( KSIDC) की कुल 13.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एसएफआईओ की जांच और आयकर विभाग की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए ईडी ने मार्च 2024 में इस पूरे वित्तीय घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का एक नया मामला दर्ज किया था। अपनी इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने छापेमारी की है जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं।


