INS ब्रह्मपुत्र में लगी आग, एक तरफ झुका जहाज, नाविक भी लापता

INS Brahmaputra: नौसेना के युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र में आग लग गई है. यह आग तब लगी जब नौसेना डॉकयार्ड में मरम्मत कार्य चल रहा था. इस दौरान नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों से आए अग्निशमन दलों की मदद से जहाज पर लगी आग पर काबू पा लिया गया. इस बीच आग से कितना नुकसान हुआ यह पता करने के लिए सैनिटाइजेशन जांच सहित अन्य कार्रवाई भी की गई हैं.

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Edited By: JBT Desk

INS Brahmaputra: भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र में 21 जुलाई (रविवार) को आग लग गई.  इस बीच अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि नौसेना का एक जूनियर नाविक लापता है और बचाव दल उसकी तलाश कर रहा है. अधिकारियों के अनुसार, नौसेना डॉकयार्ड में मरम्मत कार्य चल रहा था, तभी उसमें आग लग गई. नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों से आए अग्निशमन दलों की मदद से जहाज के चालक दल ने सोमवार सुबह तक आग पर काबू पा लिया. आग से कितना नुकसान हुआ है यह पता करने के लिए सैनिटाइजेशन जांच सहित अन्य कार्रवाई भी की गई हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नौसेना ने एक बयान में कहा कि नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों से आए फायर ब्रिगेड की  टीम की मदद से जहाज के चालक दल ने सोमवार सुबह तक आग पर काबू पा लिया. इसके अलावा, आग के जोखिम का आकलन करने के लिए सैनिटाइजेशन जांच समेत आगे की कार्रवाई की गई है. 

आग पर काबू पा लिया गया है

नौसेना ने आगे कहा कि जहाज पर लगी आग को बुझा दिया गया है. हालांकि दोपहर में जहाज एक तरफ (बंदरगाह की तरफ) बुरी तरह से झुकने लगा. तमाम कोशिशों के बावजूद जहाज को वापस सीधा नहीं किया जा सका. वहीं आईएनएस ब्रह्मपुत्र अपने बर्थ के साथ-साथ और भी झुकता जा रहा है और फिलहाल एक तरफ टिका हुआ है.  इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.  वहीं भारतीय नौसेना ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. 

आईएनएस ब्रह्मपुत्र की खासियत 

आईएनएस ब्रह्मपुत्र की खासियत की बात करें तो यह एक स्वदेशी रूप से निर्मित 'ब्रह्मपुत्र' श्रेणी का पहला मिसाइल फ्रिगेट है. इसे अप्रैल 2000 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था.  इस जहाज पर 40 अधिकारियों और 330 नाविकों का दल है. आईएनएस ब्रह्मपुत्र में मध्यम दूरी, नजदीकी दूरी और विमान भेदी तोपें लगी हुई हैं. इसके अलावा इस युद्धपोत में सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और टारपीडो लांचर भी लगे हैं. यह सीकिंग और चेतक हेलीकॉप्टरों को संचालित करने में भी सक्षम है. 

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