पेट्रोल-डीजल का स्टॉक भरपूर, कीमतों में नहीं हुई कोई बढ़ोतरी, सरकार ने दी जानकारी
सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है. इसलिए घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है और कीमतें भी स्थिर हैं. वहीं, मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने कूटनीतिक बातचीत तेज की है और अब तक लाखों भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बाद पैदा हुई अनिश्चितताओं के बीच सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. ईंधन की उपलब्धता को लेकर फैल रही चिंताओं पर स्पष्ट करते हुए अधिकारियों ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने क्या कहा?
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है, जिससे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर किसी तरह का दबाव नहीं है. उन्होंने कहा कि देशभर में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने से बचना चाहिए. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.
उन्होंने यह भी बताया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की आपूर्ति भी पूरी तरह सुचारु है. सरकार गैस कनेक्शन के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है. हाल ही में जारी एक राजपत्र अधिसूचना के तहत PNG नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है. इसके परिणामस्वरूप करीब 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन दर्ज किए गए हैं, जबकि लगभग 2.20 लाख उपभोक्ताओं ने पारंपरिक LPG से PNG की ओर रुख किया है.
इस बीच विदेश मंत्रालय ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी गतिविधियों की जानकारी दी है. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत कर मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों पर चर्चा की. बातचीत के दौरान क्षेत्र में तनाव कम करने और वैश्विक व्यापार के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. इसके अलावा, प्रधानमंत्री को श्रीलंका के राष्ट्रपति का भी फोन आया, जिसमें क्षेत्रीय स्थिति पर विचार-विमर्श हुआ.
असीम महाजन ने क्या कहा?
खाड़ी मामलों से जुड़े अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि मिडिल ईस्ट से भारत लौटने वाले विमानों की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है. 28 फरवरी से अब तक लगभग 4.26 लाख भारतीय नागरिक स्वदेश वापस आ चुके हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आज करीब 80 उड़ानें संचालित होंगी, जिससे और लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सकेगी.
कुल मिलाकर, सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है और अंतरराष्ट्रीय हालातों के बावजूद आम नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है.


