अहमदाबाद : घुसपैठियों को खिलाफ सरकार के मुहिम में गुजरात से बड़ी संख्या में अवैध रुप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को पता चला है। पुलिस ने एक दिन में 500 से ज्यादा घुसपैठियों को हिरासत में लिया है। इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठियों का पता चलने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा है कि गुजरात के हर कोने से हर घुसपैठिए को पता लगाया जाएगा। उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा और बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। उप मुख्यमंत्री के ऑफिस के अनुसार 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत गुरुवार को 10 बजे तक राज्य भर में 501 अवैध बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में लिए गए हैं।
गुजरात पुलिस ने के अनुसार बांग्लादेशी नंबरों से संचार के लिए इस्तेमाल किए गए भारतीय मोबाइल नंबरों का एक डेटाबेस तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया के जरिए 6200 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों से संबंधित जानकारी इकट्ठा की गई और इसका उपयोग अवैध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए किया गया।
मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सभी को कानूनी हिरासत प्रक्रियाओं के तहत रखा जा रहा है। अधिकारी उनकी राष्ट्रीयता और दस्तावेजों का सत्यापन जारी रखे हुए हैं। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वासन की कार्यवाही शुरू की जाएघी। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार किए गए 166 लोगों में से काफी लोगों ने अवैध रुप से आधार कार्ड बनवाए थे। अब इस बात की जांच हो रही है कि ये दस्तावेज किसके माध्यम से बनवाए गए थे।
यह अभियान पूरे अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच, साइबर ब्रांच, विशेष अभियान समूह और स्थानीय थानों की 30 टीमों द्वारा चलाया गया। इस अभियान में नरोदा, दानिलिमदा, वटवा, वटवा जीआईडीसी, जुहापुरा, चंदोला और आसपास के इलाके शामिल थे। सिंघल ने बताया कि मानवीय और तकनीकी स्रोतों से मिली खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि हिरासत में लिए गए कुछ लोग चंदोला झील के आसपास पहले की गई कार्रवाई से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल वहां चलाए गए अभियान के बाद कई लोग इलाका छोड़कर चले गए थे और बाद में अहमदाबाद के अलग-अलग हिस्सों में बस गए थे।
पूरा मामला सामने आने के बाद अब इस बात की जांच हो रही है कि ये लोग भारत में कैसे दाखिल हुए। वे किस तरह के काम करते थे और विदेश में पैसा भेजने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि कमाई कथित तौर पर कोलताता में बिचौलियों के माध्यम से और कुछ मामलों में मोबाइल एप के जरिए बांग्लादेश भेजी जा रही थी। उधर उप मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा है कि गुजरात के हर कोने से हर घुसपैठियों को पता लगाया जाएगा। उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा और बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। इस पूरे में बिचौलियों की भूमिका भी सामने आ रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन घुसपैठियों ने कहां से और कैसे दस्तावेज बनाएं। राज्य के पुलिस महानिदेशक के एल एन राव दावा है कि घुसपैठियों के खिलाफ यह अभियान पूरी तरह से तकनीकी डेटा और जमीनी सत्यापन पर आधारित है।
First Updated : Thursday, 04 June 2026