गुरुग्राम में सरेआम हुई पूर्व NSG कमांडो की निर्मम हत्या, 2018 में किया था ये बड़ा अपराध!
इस घटना के दौरान मौका-ए-वारदात पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक हमला मोनी बाबा चबूतरे के पास हुआ। पूर्व NSG कमांडो सुंदर जैसे ही वहां पहुंचे, बदमाशों ने अचानक कई राउंड फायर कर दिए।

नई दिल्ली: गुरुग्राम के कासन इलाके में गुरुवार (30 अप्रैल 2026) सुबह भीड़भरे बाजार में पूर्व एनएसजी कमांडो सुंदर फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई। 55 साल के सुंदर मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
कैसे दिया वारदात को अंजाम!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना के दौरान मौका-ए-वारदात पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक हमला मोनी बाबा चबूतरे के पास हुआ। सुंदर जैसे ही वहां पहुंचे, बदमाशों ने अचानक कई राउंड फायर कर दिए। गोलियों की आवाज से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। सुंदर खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े। लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुरानी दुश्मनी का है शक
आपको बताते चलें कि इस हत्या के बाद सुंदर फौजी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह 2018 में पूर्व सरपंच बहादुर की हत्या के मामले में दोषी था। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कुछ दिन पहले ही वह बेटी की शादी के लिए पैरोल पर जेल से बाहर आया था।
वहीं हरियाणा पुलिस को शक है कि हत्या पुरानी रंजिश में हुई है। दावा किया जा रहा है कि पूर्व सरपंच बहादुर के बेटे और उसके साथियों ने बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
दोस्ती टूटी तो बने दुश्मन
दरअसल सुंदर और बहादुर कभी गहरे दोस्त थे। दोनों सेना में साथ थे और एनएसजी कमांडो रह चुके थे। बाद में पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों में विवाद हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा कि सुंदर ने बहादुर की हत्या कर दी। उसी केस में वह जेल में बंद था।
हमलावरों ने हत्या के बाद हवा में लहराए हथियार
गौरतलब है कि हत्या के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। केस दर्ज कर कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
वहीं इस घटना को लेकर अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में मामला आपसी दुश्मनी और बदले का लग रहा है। सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने गुरुग्राम की कानून व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।


