सूरजकुंड हादसे में पुलिस का एक्शन, झूला मालिक समेत 2 गिरफ्तार, जानें अब तक क्या-क्या हुआ
फरीदाबाद के सूरजकुंड शिल्प मेला में 7 फरवरी शाम को 'त्सुनामी' झूला मैकेनिकल फेलियर से टूटकर गिर गया. एक पर्यटक की मौत हुई, 13 लोग घायल. बचाव में जुटे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की भी जान चली गई. कंपनी मालिक समेत दो गिरफ्तार.

फरीदाबादः फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में 7 फरवरी की शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. एक बड़ा झूला (जिसे 'त्सुनामी' या 'टॉप स्पिन' राइड कहा जा रहा है) अचानक टूटकर गिर गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. सबसे दुखद बात यह कि बचाव कार्य में जुटे हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की भी जान चली गई.
झूला टूटने का भयानक हादसा
शाम करीब 6 बजे मेले के एम्यूजमेंट जोन में लगा यह हाई-स्पीड झूला पूरी गति से चल रहा था. उस पर 18-20 लोग सवार थे. अचानक मैकेनिकल फेलियर से एक सपोर्ट पिलर टूट गया, झूला एक तरफ झुक गया और फिर पूरी तरह ढह गया. सवार लोग सीटों में फंस गए, चीख-पुकार मच गई. हादसे में एक पर्यटक की मौत हो गई, जबकि 13 लोग (महिलाएं, बच्चे और पुलिसकर्मी सहित) गंभीर रूप से घायल हो गए.
बहादुर इंस्पेक्टर की शहादत
ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (58 वर्ष) क्राइम ब्रांच से थे और मेले में सिक्योरिटी इंचार्ज थे. हादसा होते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे. फंसे हुए लोगों को निकालने में मदद कर रहे थे, तभी झूले का एक भारी हिस्सा टूटकर उनके ऊपर गिर गया. सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं. उन्हें फरीदाबाद के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
जगदीश प्रसाद मथुरा के रहने वाले थे, 1989 में हरियाणा आर्म्ड पुलिस में भर्ती हुए थे और मार्च में रिटायर होने वाले थे. 2020 में उन्हें पुलिस मेडल भी मिला था. डीजीपी अजय सिंघला ने उन्हें 'शहीद' का दर्जा देते हुए कहा कि उन्होंने दूसरों की जान बचाते हुए अपनी कुर्बानी दी. परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और अनुकंपा नियुक्ति का वादा किया गया है.
गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. झूला लगाने वाली कंपनी 'हिमाचल फन केयर' के मालिक मोहम्मद शाकिर (सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) और ऑपरेटर सरबजीत सिंह समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. एक अन्य आरोपी नितेश (मेरठ) को भी हिरासत में लिया गया. भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में 'घातक लापरवाही' का जिक्र है, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, रखरखाव की कमी और जान जोखिम में डालने का आरोप है.
विशेष जांच दल गठित
पुलिस उपायुक्त (क्राइम) की निगरानी में तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है, जिसमें एसीपी वरुण दहिया, एसआई शीशपाल और एसआई संजय शामिल हैं. डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा जांच की देखरेख कर रहे हैं. तकनीकी खराबी, मेंटेनेंस रिकॉर्ड, सुरक्षा सर्टिफिकेट और नियमों के पालन की गहन जांच हो रही है. मेले में सभी राइड्स पर रोक लगा दी गई है.
घायलों में से कई को इलाज के बाद छुट्टी मिल गई, बाकी की हालत स्थिर है. डीजीपी और पुलिस कमिश्नर ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और बेहतर इलाज का भरोसा दिया. जगदीश प्रसाद के शव का पोस्टमॉर्टम कर परिवार को सौंप दिया गया.


