महाराष्ट्र के बीड से स्वतंत्र उम्मीदवार की मतदान केंद्र पर हार्ट अटैक से मौत

महाराष्ट्र ने 288 विधानसभा सीटों के लिए मतदान किया है, ताकि एक नई सरकार का चुनाव किया जा सके. इस चुनाव में नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, और परिणामों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी. इस चुनाव का परिणाम राज्य की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा, और यह तय करेगा कि आगामी सरकार का नेतृत्व कौन करेगा.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

 महाराष्ट्र. महाराष्ट्र में बुधवार को एक स्वतंत्र उम्मीदवार को मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने का इंतजार करते समय दिल का दौरा पड़ा। पुलिस के अनुसार, उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान हुई, जिसमें राज्यभर में 288 सीटों पर वोट डाले गए। मतगणना 23 नवम्बर को की जाएगी।

वोटिंग के दौरान गिर पड़े बालासाहेब शिंदे

महाराष्ट्र के बीड जिले के छत्रपति शाहू विद्यालय मतदान केंद्र पर बालासाहेब शिंदे वोट डालने के लिए लाइन में खड़े थे। तभी वे अचानक जमीन पर गिर पड़े। उन्हें पहले बीड के काकू नाना अस्पताल ले जाया गया, और फिर चत्‍रपति संभाजी नगर अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

चुनावों पर इसका प्रभाव

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, अगर किसी उम्मीदवार की चुनाव के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो संबंधित सीट पर मतदान को टाला जा सकता है। यह प्रावधान 1951 के 'प्रजाजनों का प्रतिनिधित्व अधिनियम' की धारा 52 के तहत आता है। ऐसे मामलों में चुनावी प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है। बीड विधानसभा सीट कभी शरद पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गढ़ हुआ करती थी, लेकिन अब यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.), एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के एनसीपी गुट के बीच मुकाबले का हिस्सा है।

महाराष्ट्र में मुख्य चुनावी मुकाबला

महाराष्ट्र में इस समय चुनावी मुकाबला महायुति (भा.ज.पा., एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी) और महा विकास आघाड़ी (कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी) गठबंधन के बीच है। दोनों गठबंधनों में कड़ा मुकाबला चल रहा है, और परिणाम 23 नवम्बर को सामने आएंगे।

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