भारत-ईयू FTA: 2 अरब लोगों को मिलेगा लाभ, अब तक का सबसे बड़ा समझौता
भारत और यूरोपीय संघ ने अपना अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पूरा किया, जिसका असर लगभग 2 अरब लोगों पर होगा. इस समझौते से टैरिफ में भारी कटौती होगी, व्यापार बढ़ेगा और वैश्विक आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के सफल समापन की घोषणा की. उन्होंने इसे वैश्विक समृद्धि और साझा स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया. मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया के उन हिस्सों में स्थिरता लाने में मदद करेगा, जो वर्तमान में उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितताओं से गुजर रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने संयुक्त प्रेस वार्ता में क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है. उन्होंने बताया कि यह FTA समुद्री क्षेत्र, साइबर सुरक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में भी सहायक होगा.
इस समझौते के तहत करीब 96.6 प्रतिशत यूरोपीय सामानों पर लागू टैरिफ घटाया जाएगा या पूरी तरह हटा दिया जाएगा. वर्तमान में कई उत्पादों पर 50 से 150 प्रतिशत तक टैक्स लगता है, जो अब घटकर 0 से 20 प्रतिशत तक रह सकता है. ईयू के अनुसार, इस डील से यूरोपीय कंपनियों को सालाना लगभग 4 अरब यूरो की बचत होगी. वर्ष 2024 में भारत से यूरोप का निर्यात 35 अरब डॉलर था.
कार्यान्वयन के पहले दिन 33.5 अरब डॉलर पर टैरिफ हटा दिया जाएगा और बाकी की कटौती क्रमशः तीन, पांच और सात वर्षों में पूरी होगी. इससे भारत-ईयू व्यापार का वर्तमान 136 अरब डॉलर का आंकड़ा अगले तीन-चार वर्षों में 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.
विदेशी शराब और बीयर पर टैक्स में बड़ी कटौती
विदेशी शराब और बीयर पर भी टैक्स में बड़ी कटौती की गई है. बीयर की ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटाकर 55 प्रतिशत, व्हिस्की और स्कॉच पर 150 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत और वाइन पर 150 प्रतिशत से घटाकर 20-30 प्रतिशत कर दी गई है. इस समझौते का असर लगभग 1.9 अरब लोगों पर होगा. भारत और ईयू वैश्विक अर्थव्यवस्था का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 12 प्रतिशत नियंत्रित करते हैं. भारत को 144 उपक्षेत्रों में तरजीही प्रवेश मिलेगा, जबकि ईयू को 102 क्षेत्रों में व्यापारिक पहुंच.
समझौते को लागू करने से पहले ईयू परिषद, यूरोपीय संसद और भारत की कानूनी मंजूरी आवश्यक होगी. भारत ने डेयरी, सोया मील और अनाज को छूट से बाहर रखा है, जबकि यूरोपीय संघ ने बीफ, मीट, पोल्ट्री और शुगर सेक्टर को शामिल नहीं किया है.
कारों पर टैक्स को 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा, लेकिन यह सुविधा सालाना केवल 2.5 लाख कारों पर लागू होगी. भारत अब एशिया का तीसरा देश बन गया है जिसने ईयू के साथ ऐसा व्यापक मुक्त व्यापार समझौता किया है.
कोस्टा ने इसे दो अरब लोगों के लिए महत्वाकांक्षी समझौता बताया, जबकि वॉन डेर लेयेन ने इसे रणनीतिक निर्भरता कम करने और वैश्विक व्यापार की राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का जरिया बताया. दोनों नेताओं ने भारत को भरोसेमंद भागीदार करार दिया.


