पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत ने भरी उड़ान, 58 फ्लाइट्स आज भी शेड्यूल

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय विमानन कंपनियां चरणबद्ध तरीके से अपनी सेवाएं बहाल कर रही हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय विमानन कंपनियां चरणबद्ध तरीके से अपनी सेवाएं बहाल कर रही हैं. मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को भारतीय एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के लिए कुल 24 उड़ानें संचालित कीं. इसके अलावा बुधवार के लिए 58 उड़ानों का कार्यक्रम तय किया गया है, जिनमें इंडिगो की 30 व एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 23 उड़ानें शामिल हैं.

अधिकारियों का क्या कहना है? 

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एयरलाइंस मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी समय-सारिणी में सोच-समझकर बदलाव कर रही हैं. प्रतिबंधित या असुरक्षित घोषित हवाई क्षेत्रों से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे भी समायोजन किए जाएंगे.

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय एयरलाइंस ने अस्थायी रूप से अपनी उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी थीं. 3 मार्च तक हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण भारतीय कंपनियों की 1,221 और विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी थीं. 

मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सरकार विशेष इंतजाम कर रही है. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें भेजने, स्थानीय विमानन प्राधिकरणों से तालमेल बैठाने और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय जैसे कदम उठाए जा रहे हैं.

एयर इंडिया ने विशेष उड़ानें कीं संचालित

मंगलवार को एयर इंडिया ने दुबई से दिल्ली के लिए एक विशेष उड़ान संचालित की, जिससे 149 यात्रियों को सुरक्षित वापस लाया गया. वहीं बहरीन में फंसे तेलंगाना, हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के पर्यटकों ने भी शीघ्र वापसी के लिए सरकार से सहायता की अपील की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पश्चिम एशियाई देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है. हाल ही में उन्होंने बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के नेताओं से बातचीत की. साथ ही ओमान और कुवैत के शीर्ष नेतृत्व से भी संपर्क साधा.

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