‘CM ने पूरे सिस्टम को खतरे में डाला...’ वोटिंग से एक दिन पहले SC ने ममता बनर्जी को दिया बड़ा झटका
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। यह एक ऐसा मामला है जहां एक व्यक्ति, जो मुख्यमंत्री है, जांच के बीच में दखल दे रहा है और लोकतंत्र को खतरे में डाल रहा है।”

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ी फटकार लगाई। बुधवार (22 अप्रैल 2026) को एक सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि एक चल रही जांच में उनके दखल से लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं खतरे में पड़ गई हैं। बेंच ने साफ किया कि यह केंद्र बनाम राज्य का मामला नहीं है, बल्कि एक मुख्यमंत्री का जांच के अहम मोड़ पर "दखल" देना है।
सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी को फटकारा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। यह एक ऐसा मामला है जहां एक व्यक्ति, जो मुख्यमंत्री है, जांच के बीच में दखल दे रहा है और लोकतंत्र को खतरे में डाल रहा है।” जजों ने आगे यह भी कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा दिन भी आएगा जब कोई मुख्यमंत्री जांच के बीच में दखल देगी। मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को खतरे में डाल दिया है।”
ED ने TMC के उम्मीदवारों को चौथी बार भेजा समन
इन सब घटनाक्रम के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं पर शिकंजा कस दिया है। ED ने पार्टी के दो उम्मीदवारों सुजीत बोस और रथिन घोष को चौथा समन जारी किया है। दोनों को 24 अप्रैल 2026 को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है। सुजीत बोस 2026 के चुनाव में बिधाननगर सीट से और रथिन घोष मध्यमग्राम से मैदान में हैं।
क्या बंगाल चुनाव पर दिखेगा असर
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में वोटिंग होगी। पहला चरण 23 अप्रैल को है, जिसमें 152 सीटों पर मतदान होगा। तो वहीं दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जब बाकी 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चुनाव से ठीक पहले आई है, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है। अब क्या वोटिंग पर इसका असर पड़ सकता है? या फिर ममता बनर्जी को इससे किसी तरह का राजनीतिक नुकसान हो सकता है? ये सब सवाल भी खड़े हो चुके हैं।


