पाकिस्तान की सीमा पार घुस आए आतंकी, ईरान ने एक झटके में सबको कर दिया ढेर
ईरान अमेरिका और इजरायल से लड़ ही रहा है, इसी बीच पाकिस्तान की सीमा से घुसपैठ बॉर्डर पारकर घुसने की कोशिश कर रहे थे, तभी ईरानी सुरक्षा बालों ने उन्हें मार गिराया.

नई दिल्ली: ईरान की सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की सीमा से घुसपैठ करने वाले दर्जनों आतंकवादियों को मार गिराया है. यह घटना ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के रास्क इलाके में हुई, जहां पाकिस्तान से आए आतंकी घुस आए थे. इस कार्रवाई से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव अचानक बढ़ गया है.
घटना का विवरण
ईरानी सुरक्षा बलों ने जैश अल-अदल नामक आतंकी समूह की एक पूरी ऑपरेशनल टीम को तबाह कर दिया. सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ये आतंकी पाकिस्तान की खुली सीमा पार करके रास्क क्षेत्र में दाखिल हो रहे थे. ईरानी सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें ढेर कर दिया.
ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश वार्ता की तैयारी कर रहे थे. अब अचानक से सीमा पर सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है.
जैश अल-अदल कौन है?
जैश अल-अदल एक बलूच सुन्नी आतंकी संगठन है, जिसकी स्थापना करीब 2012 में हुई थी. अरबी में इसका मतलब 'न्याय की सेना' होता है. यह संगठन पहले सक्रिय रहे जंदुल्लाह गुट के सदस्यों से बना माना जाता है.
यह समूह खुद को ईरान के सुन्नी बलूच समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने वाला बताता है. इसके मुख्य उद्देश्य सिस्तान-बलूचिस्तान क्षेत्र में ज्यादा राजनीतिक और आर्थिक अधिकार हासिल करना तथा बलूच लोगों पर कथित भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करना है, लेकिन ईरान और कई अन्य देश इसे आतंकी संगठन मानते हैं.
Iranian Forces Dismantle Terror Team at Rask Border, Killing Several Terrorists
Iranian security forces destroyed an operational team of the Jaish al-Zulm terrorist group after they infiltrated from the Pakistan border into the Rask region, killing several militants.— Tasnim News Agency (@Tasnimnews_EN) April 22, 2026
संगठन की गतिविधियां
जैश अल-अदल मुख्य रूप से ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत, पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके और अफगानिस्तान की सीमावर्ती जगहों पर सक्रिय है. यह ईरानी पुलिस और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हमले करता रहा है. रास्क क्षेत्र में इस संगठन के साथ सुरक्षा बलों की कई झड़पें हो चुकी है.
ईरान का आरोप है कि यह संगठन देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में अस्थिरता फैलाता है और सुरक्षा बलों को निशाना बनाता है. संगठन की गतिविधियां सालों से जारी हैं, जिससे क्षेत्र में लगातार तनाव बना रहता है.
सीमा पर बढ़ता खतरा
ईरान-पाकिस्तान की सीमा काफी लंबी और खुली है, जहां घुसपैठ आसान हो जाती है. दोनों देश अक्सर एक-दूसरे पर आतंकियों को शरण देने का आरोप लगाते रहते हैं. इस घटना से सिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.


