PM मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश पर बौखलाई कांग्रेस, SC में दे डाली चुनौती

18 अप्रैल की रात करीब 8:30 बजे पीएम मोदी ने दूरदर्शन और संसद टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया। यह भाषण नारी शक्ति वंदन विधेयक यानी महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े सियासी घटनाक्रम के तुरंत बाद आया।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद टीएन प्रतापन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 अप्रैल 2026 को दूरदर्शन पर दिए राष्ट्र के नाम संबोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि यह संबोधन आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

विपक्षी दलों पर निशाना साधने का आरोप 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार याचिका के मुताबिक 18 अप्रैल की रात करीब 8:30 बजे पीएम मोदी ने दूरदर्शन और संसद टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया। यह भाषण नारी शक्ति वंदन विधेयक यानी महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े सियासी घटनाक्रम के तुरंत बाद आया।

प्रतापन का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण में कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों का नाम लेकर आलोचना की। उन्होंने इन दलों को महिला आरक्षण का विरोधी बताते हुए मतदाताओं से उन्हें जवाबदेह ठहराने की अपील की।

सरकारी मीडिया के इस्तेमाल पर सवाल 

आपको बताते चलें कि टीएन प्रतापन ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सरकारी नियंत्रण वाले दूरदर्शन और संसद टीवी का इस्तेमाल विपक्ष की आलोचना के लिए करना MCC का साफ उल्लंघन है। याचिका में इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग बताया गया है।

प्रतापन का यहाँ तर्क यह है कि यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(7) के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। याचिका में यह भी कहा गया कि चुनाव आयोग को शिकायत देने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। इससे ECI ने अनुच्छेद 324 के तहत अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभाई।

महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर PM का बयान 

गौरतलब है कि बीते शनिवार (18 अप्रैल 2026) को लोकसभा में संविधान 131वां संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई थी। इसमें लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने और 33% महिला आरक्षण का प्रस्ताव था। सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने मौजूदा सीटों के पुनर्वितरण के बिना आरक्षण लागू करने की मांग की।

विधेयक दो-तिहाई बहुमत न मिलने से गिर गया। पीएम मोदी ने करीब 30 मिनट के संबोधन में इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने इसे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के खिलाफ 'भ्रूणहत्या' जैसा बताया और मतदाताओं से विपक्ष को जवाबदेह ठहराने को कहा।

पीएम मोदी पर लगा समान चुनावी माहौल बिगाड़ने का आरोप  

अवगत करवाते चलें कि याचिका में दलील दी गई कि इस संबोधन से चुनावी माहौल असमान हुआ। सत्तारूढ़ दल को सरकारी मीडिया से विपक्ष की आलोचना का मौका मिला, जबकि बाकी उम्मीदवार MCC के सख्त नियमों में बंधे रहे।

केरल में मनालूर सीट से विधानसभा उम्मीदवार टीएन प्रतापन ने चुनाव आयोग को MCC और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की है। यह याचिका अधिवक्ता सुविदत्त एमएस के जरिए दाखिल की गई है।

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