Indigo की उड़ानों में 10 % की कटौती...उड्डयन मंत्री और पीटर एल्बर्स के बीच हुई मीटिंग, हाथ जोड़े नजह आए CEO
इंडिगो एयरलाइन के ऑपरेशनल संकट के बाद CEO पीटर एल्बर्स को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में बुलाया गया, जहां उड़ानों, रिफंड, पायलट और क्रू रॉस्टर की स्थिति पर चर्चा हुई. मंत्री राम मोहन नायडू ने FDTL नियमों में कोई विशेष छूट न देने और नई एयरलाइंस को बढ़ावा देने की बात कही. इसके साथ ही एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा कैंसिलेशन कम करने के लिए इंडिगों के ऑपरेशन में 10 % की कटौती का आदेश दिया है.

नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइन के CEO पीटर एल्बर्स को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) में मंगलवार को बुलाया गया, जहां उनके साथ नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और MoCA के सचिव समीर सिन्हा भी मौजूद थे. बैठक में एयरलाइन के संचालन, यात्रियों की देखभाल, उड़ानों की समयबद्धता, पायलट और क्रू रॉस्टर की स्थिति, और बैगेज हैंडलिंग पर चर्चा की गई. मंत्रालय ने इंडिगो से उड़ानों के संचालन में सुधार के लिए कदम उठाने का आग्रह किया. इसके साथ ही एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा कैंसिलेशन कम करने के लिए इंडिगों के ऑपरेशन में 10 % की कटौती का आदेश दिया है.
1900 उड़ाने संचालित करने की योजना
सभी बैगेज अब ग्राहकों तक पहुंच चुके
इंडिगो ने बताया कि नेटवर्क में लगातार सुधार के बाद अब सभी शेड्यूल्ड उड़ानें संचालित हो रही हैं. एयरपोर्ट पर फंसे लगभग सभी बैगेज अब ग्राहकों तक पहुंच चुके हैं और बाकी को जल्द ही वितरित किया जाएगा. वर्तमान में एयरलाइन अपने 138 स्टेशनों पर 1800 से अधिक उड़ानों का संचालन कर रही है. CEO पीटर एल्बर्स ने वीडियो मैसेज के माध्यम से ग्राहकों से खेद व्यक्त किया और बताया कि संकट की शुरुआत 5 दिसंबर को हुई थी, जब केवल 700 उड़ानें संचालित हो पाईं.
इंडिगो का मार्केट शेयर लगभग 65 प्रतिशत
लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि इंडिगो को नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में कोई विशेष छूट नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि कोई भी एयरलाइन, चाहे कितनी बड़ी क्यों न हो, यात्रियों को परेशान नहीं कर सकती. इसके अलावा, उन्होंने डोमेस्टिक एयरलाइन मार्केट में नई कंपनियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि इंडिगो का मार्केट शेयर लगभग 65 प्रतिशत है.
भविष्य में यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े...
इंडिगो ने मंत्रालय को बताया कि टेक्निकल गड़बड़ी, विंटर शेड्यूल संक्रमण, खराब मौसम और नए FDTL नियमों के कारण यह संकट उत्पन्न हुआ. इससे पहले डीजीसीए ने अस्थायी रूप से इंडिगो को FDTL नियमों में छूट दी थी, जिसे लेकर आलोचना हुई थी. मंत्रालय ने इंडिगो से सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी रहें.


