Lok Sabha Election: यूपी के रास्ते 2024 का रण साधने का प्रयास, भाजपा का हिंदू और ओबीसी वाला दांव

कहा जा रहा है कि कल्याण सिंह के समय पर भाजपा का जो ओबीसी वोट बैंक तैयार हुआ था उसे एक बार फिर से साधने का प्रयास किया जा रहा है.

Akshay Singh
Edited By: Akshay Singh

Lok Sabha Election 2024: सोमवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रुख को अपनी तरफ मोड़ने का प्रयास किया. कहा जा रहा है कि कल्याण सिंह के समय पर भाजपा का जो ओबीसी वोट बैंक तैयार हुआ था उसे एक बार फिर से साधने का प्रयास किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में ओबीसी समुदाय के लोग सबसे ज्यादा रहते हैं जिनकी आबादी करीब-करीब 50 फ़ीसदी से ऊपर है. 

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ओबीसी की लोधी बिरादरी से आते थे. माना जाता है कि कल्याण सिंह के चलते ही यह बिरादरी भाजपा के वोट बैंक का हिस्सा बनी. भाजपा चाहती है कि उनके ना रहने के बाद भी इस समुदाय को भाजपा के साथ जोड़े रखा जाए. हिंदू और हिंदुत्व की बात करने वाली भाजपा गैर यादव ओबीसी समुदाय को अपने खेमे में शामिल करने का पूरा प्रयास कर रही है. 

गृहमंत्री अमित शाह इस बात को अच्छे से समझते हैं कि यूपी की सियासत में अगर मजबूत पकड़ होगी तभी केंद्र का रास्ता साफ हो सकता है. इसीलिए शाह ने जनता से सभी 80 सीटों को जिताने की अपील की और यूपी को भाजपा का अभेद्य किला बनाने को कहा.

बताते चलें कि यूपी में करीब 19 फ़ीसदी वोट बैंक सवर्णों का है जिनमें 8% ब्राह्मण और 6% राजपूत शामिल है. इसके अलावा सवर्णों में भूमिहार, कायस्थ, बनिया आदि जातियां भी शामिल हैं.

प्रदेश में ओबीसी की करीब 54 फीसदी आबादी है. भाजपा इसी आबादी को अपने खेमे में लाने का प्रयास कर रही है. वहीं राज्य में एससी 22 फीसदी और मुस्लिम 20 फीसदी आबादी है. 

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