नितेश राणे ने मदरसों को बताया 'आतंकवादियों का अड्डा', राजनीतिक बयानबाजी तेज
महाराष्ट्र में हंगामा मचा हुआ है. मंत्री नितेश राणे ने मदरसों को 'आतंकवादियों का पालना' कह डाला और ऐलान किया कि वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इन्हें बंद करवाने की गुहार लगाएंगे. शिवसेना, कांग्रेस और AIMIM ने इसे भड़काऊ करार देते हुए कड़ा विरोध जताया और सबूत या सरकारी सफाई की मांग की.

महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मदरसों को बंद करने की मांग करने की बात कही. राणे ने दावा किया कि ये इस्लामी शिक्षण संस्थान 'आतंकवादियों के पनाहगाह' बन रहे हैं. उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं जन्म दीं. विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाला और बिना सबूत के आरोप बताया, जबकि कई नेताओं ने राणे से इस्तीफे की मांग तक कर डाली.
राणे ने एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी में एक मौलवी द्वारा बच्चे को पीटने का मामला सामने आया है, जहां वे खुद संरक्षक मंत्री हैं. उन्होंने मदरसों की जरूरत पर सवाल उठाया और कहा कि वह मुख्यमंत्री से औपचारिक रूप से पूरे राज्य में मदरसों को बंद करने का अनुरोध करेंगे. इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है.
Mumbai, Maharashtra: On Namaz offered at Malegaon Municipal Corporation electricity department, Minister Nitesh Narayan Rane says, "That’s why I repeatedly say, these madrasas are centers for training terrorists. There is no education or respect in them. If we had made such an… pic.twitter.com/RV7BxFZ0Sq
— IANS (@ians_india) February 25, 2026
विपक्ष का तीखा हमला
विपक्षी दलों ने राणे के बयान की कड़ी निंदा की. शिवसेना नेता सचिन आहिर ने कहा कि ऐसे लोग जानबूझकर समाज में कड़वाहट फैलाने के लिए प्रवक्ता बनाए जाते हैं. उनके जैसे लोगों को समाज में कटुता फैलाने के लिए ही प्रवक्ता बनाया जाता है. उनका काम माहौल को दूषित करना है, और कोई उन्हें चुप रहने के लिए नहीं कहता. कांग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि मंत्री होने के नाते राणे को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए.अगर वे इतने गंभीर दावे करते हैं, तो उन्हें इन्हें साबित करना होगा. अगर वे ऐसा नहीं कर पाते, तो लोगों को उनसे यह सवाल पूछना चाहिए कि वे कब इस्तीफा देंगे. मदरसे आजादी से पहले भी मौजूद थे और उनका लंबा इतिहास है.
शेख ने कहा एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने राणे पर झूठ बोलने की आदत और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाया.
Mumbai, Maharashtra: On Minister Nitish Rane’s statement, Shiv Sena (UBT) leader Sachin Ahir says, "Such people are appointed as spokespersons by the Bharatiya Janata Party only to spread bitterness in society. Their job is to vitiate the atmosphere, and no one asks them to… pic.twitter.com/g1T4u5QkXy
— IANS (@ians_india) February 26, 2026
कई महान विद्वान मदरसों से निकले
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों से लड़ने वाले क्या आतंकवादी थे? ऐसे शब्दों का प्रयोग करके वे इन स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं. पठान ने कहा - उन्होंने राणे को चुनौती दी कि वे आरएसएस से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों के नाम बताएं.
राणे ने क्या कहा?
रिपोर्टर्स से बातचीत में राणे ने एक वायरल वीडियो का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर एक मुस्लिम धर्मगुरु बच्चे को पीटते दिख रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि यह घटना उनके गृह जिले सिंधुदुर्ग के सावंतवाड़ी की है. आपने बच्चों की पिटाई करते हुए मौलवी का वीडियो देखा है. सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही.
उन्होंने महाराष्ट्र में मदरसों की आवश्यकता पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि कभी-कभी इन संस्थानों में हथियार मिलते हैं. उन्होंने दोहराया कि ये आतंकवादियों को तैयार करने के केंद्र बन रहे हैं. राणे ने पूछा कि क्या कोई इस्लामी देश हिंदुओं के लिए स्कूल चलने देता है जहां सिर्फ भगवद्गीता पढ़ाई जाती हो. उनका कहना था कि धार्मिक शिक्षा को पूजा स्थलों तक सीमित रखना चाहिए. राणे ने स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री से औपचारिक रूप से मदरसों को बंद करने के कदम उठाने का अनुरोध करेंगे. उनका यह बयान महाराष्ट्र में सांप्रदायिक सद्भाव पर सवाल खड़े कर रहा है और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है.


