किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं...भारत-यूएस ट्रेड डील पर सरकारी सूत्रों ने किया क्लियर

केंद्र सरकार ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि किसानों, डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. सरकारी सूत्रों ने कहा कि कोई समझौता किसानों के हितों से नहीं हुआ, बल्कि यह डील निर्यात बढ़ाने और आर्थिक विकास के लिए फायदेमंद है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया गया है. सरकारी सूत्रों ने जोर देकर कहा कि समझौते में कृषि और डेयरी जैसे सभी संवेदनशील क्षेत्र पूरी तरह संरक्षित रहेंगे.

सरकारी सूत्रों ने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीतिक लाभ के लिए फैलाए जा रहे हैं. यह डील भारत के निर्यात को बढ़ावा देने, आर्थिक विकास को गति देने और वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति बनाने के लिए है. सूत्रों ने बताया कि भारतीय किसानों की सुरक्षा सर्वोपरि है और कोई भी कदम उनके खिलाफ नहीं उठाया जाएगा.

कच्चे तेल की खरीद पर स्पष्टता

तेल आयात को लेकर भी सरकार ने सफाई दी है. भारत दुनिया के उन देशों से ही कच्चा तेल खरीदेगा जहां कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं है. उदाहरण के तौर पर, वेनेजुएला पर जब प्रतिबंध थे तो भारत ने वहां से खरीदारी नहीं की. अब प्रतिबंध हटने के बाद बाजार के भाव के आधार पर खरीद जारी रहेगी. ऊर्जा सुरक्षा में भारतीय नागरिकों को प्राथमिकता मिलती रहेगी और बाजार मूल्य ही फैसला करेंगे.

500 अरब डॉलर का लक्ष्य कैसे हासिल होगा?

सरकार के अनुसार, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार अगले कुछ वर्षों में 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समझौते से व्यापार और निवेश दोनों में तेजी आएगी. फिलहाल भारत अमेरिका से 40-50 अरब डॉलर का आयात करता है और उतना ही निवेश आता है. बड़े सौदे जैसे विमान, ऊर्जा, तकनीक और अन्य क्षेत्र मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे. यह '5 गुना' वृद्धि का रोडमैप है, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा.

विपक्ष का विरोध

संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि डील में किसानों के हितों से समझौता हुआ है. डेयरी, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खतरा है. विपक्ष ने मांग की कि सरकार पूरी डील की शर्तें संसद में पेश करे और कृषि क्षेत्र पर इसके प्रभाव की स्पष्ट जानकारी दे. कांग्रेस समेत अन्य दलों ने इसे 'किसानों की बिक्री' करार दिया और पारदर्शिता की मांग की.

पीयूष गोयल संसद में देंगे बयान

सरकार ने आश्वासन दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों को कोई खतरा नहीं. यह समझौता भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाएगा. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल लोकसभा में आज दोपहर 3 बजे इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देंगे. वे सदन को डील की पूरी जानकारी देंगे और सभी सवालों का जवाब देंगे.
 

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