पाकिस्तान का आतंकी भूला अपना मिशन, लश्कर में मची खलबली
पाकिस्तान के आतंकी संगठन के आतंकी इन दिनों एक अलग ही मिशन में लगे हुए हैं। संगठन के आतंकियों में मेक ओवर कराने की होड़ मची हुई है। आतंकी अपना मिशन भूल गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में स्लीपर सेल स्थापित करने और आतंकी गतिविधियां बढ़ाने के मिशन पर भेजा गया लश्कर-ए-तैयबा का एक पाकिस्तानी आतंकी श्रीनगर पहुंचकर अपना मिशन भूल गया। उसने गुपचुप तरीके से शहर के एक ब्यूटी क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट करवा लिया। मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ ‘चीनी’ नाम के इस आतंकी को इसी साल अप्रैल में श्रीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद इस आतंकी ने कई खुलासे किए है। इस आंतकी से मिली जानकारी के बाद एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
पूछताछ के दौरान बड़े खुलासे
एनआईए ने जब इस पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ली तो इस आतंकी ने कई और चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस और जांच एजेंसियों के पास इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। शब्बीर अहमद लोन नाम के लश्कर के एक और आतंकी को दिल्ली पुलिस ने इसी साल मार्च में गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान यह पता चला कि उसने भी अपने आतंकी एजेंडे को दरकिनार कर गुरूग्राम के एक प्राइवेट क्लीनिक में दांतों का महंगा इलाज डेंटल प्रोसीजर कराया था।
खूबसूरती के पीछे क्यों भाग रहे हैं आतंकी ?
पूछताछ के दौरान उस्मान जट्ट ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह कबूला कि बालों के तेजी से झड़ने की वजह से उसका आत्मविश्वास पूरी तरह से टूट चुका था और वो हीनभावना का शिकार हो रहा था और फिर उसने ये निर्णय लिया कि वो अपना हेयर ट्रांस्पलांट करायागा। उसने यह भी खुलासा कि उसने श्रीनगर के सबसे मशहूर क्लीनिक को इसके लिए चुना ताकि उसके बाल फिर से आ जाएं। जनभावना टाइम्स को मिली जानकारी अनुसार लश्कर के आतंकी जब भारत की शांतिपूर्ण जमीनी हकीकत को देखते हैं तो उनके विचार बदल जाते हैं उनके अंदर मौजूद कंट्टरपंथ कमजोर हो जाता है। आपको बता दें कि आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में इन आतंकियों के दिमाग में उग्र और झूठे प्रोपेगैंडा को भरा जाता है जिससे इनके अंदर कट्टरपंथ चरम सीमा पर पहुंच जाता है।
आतंकी संगठनों की कोई नई चाल?
आतंकियों के मिशन खूबसूरत को लेकर जांच एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं। हालांकि इन एजेंसियों का कहना है कि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इसके पीछे गहरी और शातिर चाल भी हो सकती है। जांच एजेंसियों का कहना है कि एयरपोर्ट्स और सुरक्षा ठिकानों पर एआई और बायोमेट्रिक फेशियल का इस्तेमाल होता है। इसके जरिए आतंकियों के नापाक मंसूबों को ध्वस्त किया जाता है। अगर आतंकी अपने चेहरे या बालों में किसी भी तरह का परिवर्तन करवाते हैं तो यह पहचान की यह तकनीक बेअसर साबित हो जाती है जिससे सुरक्ष अलार्म को चकमा दिया जा सकता है।
कैसे हुआ हेयर ट्रांसप्लांट?
श्रीनगर की ऊपरी पहाड़ियों में रहते हुए उसकी मुलाकात अन्य पाकिस्तानी आतंकियों जरगाम और अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा से हुई। जरगाम उसे एक लोकल दुकानदार के पास ले गया। बातचीत में पता चला कि दुकानदार ने खुद हेयर ट्रांसप्लांट कराया है।
उस्मान ने भी यही ट्रीटमेंट कराने की जिद की। दुकानदार उसे श्रीनगर के एक ब्यूटी क्लिनिक ले गया, जहां उसने कई सेशंस में हेयर ट्रांसप्लांट करवाया। इलाज के दौरान वह क्लिनिक में रात भी रुका। इलाज पूरा होने के बाद वह फर्जी दस्तावेज बनवाकर आगे बढ़ने की योजना बना रहा था।
आतंकी की 'खूबसूरत' कहानी
लाहौर का रहने वाला उस्मान जट्ट लश्कर का प्रशिक्षित ऑपरेटिव था। पाकिस्तान से उसे जम्मू-कश्मीर में घुसकर स्लीपर सेल्स बनाने और आतंकी हमलों की तैयारी का काम सौंपा गया था। लेकिन घुसपैठ के बाद उसे कश्मीर की हकीकत देखकर हैरानी हुई। ट्रेनिंग कैंप में उसे कश्मीर की अशांति और संघर्ष की तस्वीर दिखाई गई थी, लेकिन यहां पहुंचकर उसने शांत और सामान्य जिंदगी देखी। इससे उसका नजरिया बदल गया। सालों से बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे ‘चीनी’ का आत्मविश्वास पहले ही कम था। कश्मीर की शांति और सामान्य माहौल देखकर उसने हेयर ट्रांसप्लांट पर फोकस कर लिया।
नेटवर्क पर एनआईए की नजर
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में उस्मान ने ओवरग्राउंड वर्कर्स के नेटवर्क, ठिकानों और लश्कर की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उसी के साथ अबू हुरैरा समेत अन्य आतंकियों की भी गिरफ्तारी हुई। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं। यह मामला आतंकवाद की दुनिया में व्यक्तिगत इच्छाओं और वास्तविकता के टकराव का अनोखा उदाहरण बन गया है।


