नशा तस्कर या तो पंजाब से भाग रहे या जेलों में जा रहे, मान सरकार की नशा विरोधी मुहिम काफिला बन गई : हरपाल चीमा
पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान 'युद्ध नशियां विरुद्ध' के तहत गुरदासपुर में एक बड़ी गिरफ्तारी हुई है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोपी के कांग्रेस से संबंधों का दावा कर तीखा राजनीतिक हमला बोला है.

चंडीगढ़ : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर नशे के मुद्दे पर घमासान तेज हो गया है. भगवंत मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान को मिली ताज़ा सफलता पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है. गुरदासपुर के कलानौर में एक श्मशानघाट के भीतर नशा करते पकड़े गए युवक के तार कांग्रेस पार्टी से जुड़ने के दावों ने नई बहस छेड़ दी है. चीमा के अनुसार, यह घटना राज्य में नशे की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका पुख्ता प्रमाण है.
गुरकीरत सिंह को श्मशानघाट में नशा करते हुए...
गुरदासपुर जिले के कलानौर निवासी गुरकीरत सिंह को श्मशानघाट के भीतर नशा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी का सीधा संबंध कांग्रेस पार्टी से है. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में आरोपी कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है. इस घटना ने विपक्षी दल की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पंजाब की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है.
पुरानी सरकारों पर तीखा हमला
हरपाल सिंह चीमा ने पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि अकाली दल-भाजपा और कांग्रेस के शासनकाल के दौरान पंजाब में नशे की बाढ़ लाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि आज पकड़े जा रहे ज्यादातर तस्करों का नाता इन्हीं पार्टियों से रहा है. चीमा का कहना है कि नशा माफियाओं को हमेशा सत्ता का संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण राज्य की जवानी बर्बाद हुई. आज जब कड़ी कार्रवाई हो रही है, तो ये पार्टियां अपनी हार देखकर बिलबिला रही हैं.
नशा तस्करों पर कड़ी नकेल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वर्तमान सरकार नशा तस्करों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपना रही है. चीमा ने बताया कि सरकार की सख्ती के कारण अब नशा तस्करों के पास केवल दो ही विकल्प बचे हैं. या तो वे पंजाब छोड़कर भाग रहे हैं या फिर उन्हें जेलों की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है. सरकार का अंतिम लक्ष्य न केवल तस्करी रोकना है बल्कि नशे की पूरी सप्लाई चेन को जड़ से तोड़कर राज्य को नशा मुक्त बनाना है.
इलाज और पुनर्वास पर जोर
सिर्फ सजा ही नहीं, बल्कि सरकार नशे की लत के शिकार युवाओं को वापस मुख्यधारा में लाने के लिए भी काम कर रही है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति नशा करते हुए पकड़ा जा रहा है, सरकार उसे अपराधी नहीं बल्कि एक पीड़ित मानकर उसका उचित इलाज करवा रही है. नशा मुक्ति केंद्रों के जरिए उन्हें ठीक कर एक सम्मानजनक जीवन जीने के काबिल बनाया जा रहा है. यह मानवीय दृष्टिकोण मान सरकार की एक बहुत बड़ी पहल मानी जा रही है.
जन आंदोलन बना अभियान
पंजाब सरकार के इस अभियान को अब आम जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है. चीमा के अनुसार, नशा मुक्ति का यह संकल्प अब केवल एक सरकारी नीति नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है. लाखों लोग केवल इसलिए आम आदमी पार्टी से जुड़ रहे हैं क्योंकि वे देख रहे हैं कि सरकार नशे के खात्मे के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ रही है. सरकार का मानना है कि जनता के सहयोग से ही पंजाब को दोबारा खुशहाल बनाया जा सकता है.


