केरल में ‘भाजपा-एलडीएफ गठजोड़’ का आरोप, राहुल गांधी का बड़ा हमला
राहुल गांधी ने केरल में भाजपा पर एलडीएफ को परोक्ष समर्थन देने और विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा और एलडीएफ की अंदरूनी मिलीभगत है, जबकि यूडीएफ ही असली मुकाबले में है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केरल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा परोक्ष रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) का समर्थन कर रही है.
अडूर रैली में क्या बोले राहुल?
अडूर में आयोजित रैली के दौरान गांधी ने चुनावी मुकाबले को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और “सीपीआई(एम)-भाजपा की मिलीभगत” के बीच की लड़ाई करार दिया. अपने संबोधन में गांधी ने दावा किया कि केरल की राजनीति में भाजपा एक “छिपी हुई ताकत” के रूप में काम कर रही है. उन्होंने इस संदर्भ में ‘अदृश्य हाथ’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा यहां सीधे तौर पर नहीं, बल्कि परोक्ष रूप से अपने हित साध रही है. उनके मुताबिक भाजपा यूडीएफ को कमजोर करना चाहती है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही वह पार्टी है जो उसे कड़ी चुनौती दे सकती है. उन्होंने यह भी दोहराया कि कांग्रेस और भाजपा-आरएसएस के बीच वैचारिक टकराव है.
VIDEO | Adoor, Kerala: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi addresses a public rally, says, “We are fighting this election against the LDF, which is supported by BJP. On one side is the UDF and on the other is a combination of LDF and BJP. A famous economist once spoke… pic.twitter.com/Qrp50HpTMs
— Press Trust of India (@PTI_News) March 30, 2026
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाता है, जबकि एलडीएफ के नेताओं पर कोई खास कार्रवाई नहीं होती. गांधी ने अपने उदाहरण देते हुए बताया कि उनके खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए हैं और उनसे लंबी अवधि तक पूछताछ की गई, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या एलडीएफ के अन्य नेताओं पर ऐसी सख्ती नहीं दिखती.
राहुल का पीएम मोदी पर निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि वे अपने राजनीतिक लाभ के अनुसार धार्मिक मुद्दों को उठाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पलक्कड़ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने सबरीमाला और भगवान अयप्पा मंदिर से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साध ली, राहुल गांधी के अनुसार, यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि भाजपा और एलडीएफ के बीच अंदरखाने तालमेल है.
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि यदि यूडीएफ सत्ता में आती है, तो मंदिर से जुड़े सभी विवादों और अनियमितताओं को दूर किया जाएगा. उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस बार बदलाव के लिए वोट करें और यूडीएफ को मजबूत बनाएं.


