लाल किला विस्फोट मामला: पांच आरोपियों को एनआईए की तीन दिन की हिरासत
लाल किला विस्फोट मामले में जांच तेज हो गई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इस आतंकी साजिश से जुड़े पांच आरोपियों को एनआईए की तीन दिन की हिरासत में भेज दिया है, जिससे जांच एजेंसी को उनसे गहन पूछताछ का मौका मिलेगा.

नई दिल्ली: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तीन दिन की हिरासत में भेज दिया है. यह आदेश बुधवार को अदालत ने जांच एजेंसी की मांग पर सुनाया.
इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसी लगातार नेटवर्क को खंगाल रही है. अदालत के इस फैसले के बाद एक बार फिर लाल किला विस्फोट साजिश की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कौन-कौन आरोपी भेजे गए एनआईए हिरासत में?
पटियाला हाउस कोर्ट ने जिन पांच आरोपियों को तीन दिन की एनआईए हिरासत में भेजा है, उनके नाम हैं –
डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जसीर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद और मुजम्मिल.
इन सभी को अदालत में पेश किए जाने के बाद एनआईए की ओर से आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की अनुमति दी गई.
यासिर अहमद डार पहले से न्यायिक हिरासत में
इससे पहले इसी मामले में आरोपी यासिर अहमद डार को अदालत 11 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने डार को पेशी के बाद 16 जनवरी तक जेल भेजने का आदेश दिया था.
26 दिसंबर को अदालत ने उसकी एनआईए हिरासत को 10 दिनों के लिए बढ़ाया था. एनआईए ने डार को 18 दिसंबर को नौवें आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था.
एनआईए का दावा, साजिश में निभाई थी अहम भूमिका
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर का रहने वाला यासिर अहमद डार, उमर-उन-नबी का करीबी सहयोगी था. उमर-उन-नबी ही वह आत्मघाती हमलावर था, जिसने 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटक से भरी कार में धमाका किया था.
एनआईए का कहना है कि डार ने इस पूरे हमले की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए थे.
अन्य आरोपियों से भी थे संपर्क में
एजेंसी के अनुसार डार इस मामले में उमर-उन-नबी और मुफ्ती इरफान सहित अन्य आरोपियों के साथ लगातार संपर्क में था. जांच में यह भी सामने आया है कि साजिश के दौरान उसने आत्मबलिदान की शपथ भी ली थी.
पहले भी बढ़ चुकी है न्यायिक हिरासत
दिसंबर में दिल्ली की एक अदालत ने इस केस में सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाई थी. इनमें डॉ. अदील राथर, डॉ. मुज़म्मिल गनाई, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जसिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली और सोयब शामिल थे.
इससे पहले तीन डॉक्टरों और वागे को 12 दिसंबर को 12 दिन की हिरासत में भेजा गया था, जबकि अली और वानी को 10 दिसंबर को 14 दिन और सोयब को 19 दिसंबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत मिली थी.
कड़ी सुरक्षा में हुई पेशी
एनआईए ने सात आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था. इस दौरान मीडिया को कार्यवाही कवर करने की अनुमति नहीं दी गई. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष पेशी के बाद सभी को 8 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.


