Modi Government’s Bold Plan: देश में बढ़ते हुए सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान के समर्थन को लेकर केंद्र सरकार ने अब कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने एक खास योजना बनाई है जिसके तहत भारत के कई सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल दुनिया के अलग-अलग अहम देशों का दौरा करेगा और वहां पाकिस्तान की ‘आतंकिस्तान’ जैसी करतूतों को बेनकाब करेगा. इस टीम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का भी नाम शामिल है, जो इस अभियान में खास भूमिका निभाएंगे.
केंद्र सरकार का मकसद साफ है — दुनिया के सामने ये बताना कि पाकिस्तान किस तरह से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और कैसे वह भारत के खिलाफ हथियारबंद समूहों का समर्थन करता है. इसके लिए सात राजनीतिक दलों के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया गया है, जो इस महीने के अंत तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों समेत कई प्रमुख देशों का दौरा करेगा.
इस टीम के माध्यम से भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियान की जानकारी भी दी जाएगी, जो सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का अहम हिस्सा है. यह डेलिगेशन वहां जाकर पाकिस्तान की नीतियों और उसकी आतंकवाद में भूमिका को पूरी दुनिया के सामने उजागर करेगा.
इस बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, बीजेपी, एनसीपी, जेडीयू, डीएमके, शिवसेना जैसे कई दलों के सांसद शामिल हैं. प्रमुख सदस्यों में शशि थरूर (कांग्रेस), रविशंकर प्रसाद (बीजेपी), संजय कुमार झा (जेडीयू), बैजयंत पांडा (बीजेपी), कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके), सुप्रिया सुले (एनसीपी) और श्रीकांत एकनाथ शिंदे (शिवसेना) शामिल हैं.
मंत्रालय ने कहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल पूरी दुनिया को भारत की आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बारे में बताएगा. यह टीम आतंकवाद के खिलाफ भारत की राष्ट्रीय सहमति और उसकी दृढ़ता को दिखाएगी. भारत की यह पहल वैश्विक समुदाय के बीच एक सशक्त संदेश होगी कि आतंकवाद के मामले में भारत बिल्कुल भी समझौता नहीं करता.
आज के समय में आतंकवाद एक वैश्विक समस्या बन चुका है और सीमा पार से आ रहे हमलों ने भारत को सतर्क कर दिया है. पाकिस्तान की आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हरकतों को कूटनीतिक स्तर पर बेनकाब करना इसलिए जरूरी हो गया है ताकि दुनिया को इस खतरनाक स्थिति से अवगत कराया जा सके. इस पहल से भारत की छवि भी मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे समर्थन मिलेगा. First Updated : Saturday, 17 May 2025