नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं और एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से प्रभावित परिवारों ने काले कपड़े पहनकर प्रतीकात्मक विरोध जताया. टीएमसी का आरोप है कि मतदाता सूची के इस विशेष संशोधन में पक्षपात, मनमानी और राजनीतिक मंशा काम कर रही है.
टीएमसी के मीडिया बयान के मुताबिक, 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचा. इसमें ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी और एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य शामिल थे. ये परिवार मुख्य रूप से उन लोगों के हैं, जिन्हें गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया या उनके वोटिंग अधिकार छीने गए. ममता ने मुलाकात में आपत्तियों की सूची सौंपी और सुधार की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं और मेरी पार्टी लड़ेंगी.
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने काले कपड़े पहनकर बैठक में शामिल होकर अपना गुस्सा जाहिर किया. यह प्रतीकात्मक कदम मतदाता सूची से नाम कटने वाले लोगों की पीड़ा और अन्याय के खिलाफ था. टीएमसी का दावा है कि एसआईआर के कारण हजारों वैध मतदाताओं को हटाया जा रहा है, खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है. पार्टी ने इसे भाजपा के पक्ष में चुनावी हेरफेर बताया.
एसआईआर पूरे देश में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है, जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है. चुनाव आयोग का कहना है कि यह मतदाता सूची को साफ करने और त्रुटियां दूर करने की प्रक्रिया है. लेकिन टीएमसी इसे भेदभावपूर्ण बता रही है. ममता ने पहले कई पत्र लिखे थे और सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की है. मुलाकात से पहले उन्होंने बंगा भवन जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वे बंगाल के लोगों को डराने-धमकाने में लगे हैं.
यह मुलाकात 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण है. टीएमसी इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि विपक्ष इसे वैध प्रक्रिया कहता है. ममता ने कहा कि अगर एक भी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से कटा, तो विरोध तेज होगा. बैठक में पार्टी ने मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जाए और प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए.
First Updated : Monday, 02 February 2026