हंगामेदार रह सकता है बजट सत्र का पहला सेशन, ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे, जानें क्या है सरकार का रुख
आगामी बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सहयोग की अपील की, जबकि विपक्ष ने पारदर्शिता और VB–GRAM–G विधेयक पर सवाल उठाए. बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और सत्र की समय-सारिणी भी तय की गई.

नई दिल्लीः आगामी बजट सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने को लेकर मंगलवार को संसद भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा के वरिष्ठ नेता और विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित कई प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे. बैठक का उद्देश्य बजट सत्र के दौरान सहयोग सुनिश्चित करना और संसद की कार्यवाही को बाधित होने से बचाना था.
बजट सत्र की समय-सारिणी तय
बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगी. इसके बाद 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा. केंद्रीय बजट 1 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जो इस बार रविवार के दिन पड़ेगा. यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा.
सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद संसद 9 मार्च को पुनः बैठेगी और बजट सत्र का समापन 2 अप्रैल को होगा.
कांग्रेस ने उठाया पारदर्शिता का सवाल
बैठक के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर प्रस्तावित विधायी एजेंडा को लेकर पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता के. सुरेश ने कहा कि विपक्षी दलों को यह नहीं बताया गया कि सत्र में कौन-कौन से विधेयक पेश किए जाएंगे.
उनका कहना था कि सरकार ने बाद में एजेंडा साझा करने का आश्वासन दिया, लेकिन विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. कांग्रेस ने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए.
VB–GRAM–G कानून पर पीछे हटने से इनकार
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार एमजीएनआरईजीए के स्थान पर लाए गए नए वीबी–ग्राम–जी कानून को वापस नहीं लेगी. उन्होंने कहा कि एक बार कोई कानून संसद के समक्ष आ जाने के बाद उसे वापस लेना उचित नहीं है.
रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकता बजट संबंधी कार्यों को पूरा करना है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है, लेकिन बजट पारित करना संसद का संवैधानिक दायित्व है.
विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे
तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चर्चा की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इससे लगभग 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने इससे जुड़ी कथित मौतों पर भी चिंता जताई.
आईयूएमएल सांसद ईटी मोहम्मद बशीर ने कहा कि संसद की गरिमा को ठेस पहुंच रही है और एसआईआर जैसे गंभीर मुद्दों पर गहन चर्चा जरूरी है. वहीं बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा में किसानों की समस्याएं, कानून व्यवस्था, युवाओं में बेरोजगारी और रोजगार के सीमित अवसरों को उठाने की बात कही.
VB–GRAM–G विधेयक पर सियासी टकराव
सर्वदलीय बैठक में सरकार के उस फैसले पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत एमजीएनआरईजीए को समाप्त कर विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB–GRAM–G विधेयक, 2025 लाया जा रहा है. इस प्रस्तावित कानून के तहत ग्रामीण रोजगार के गारंटीकृत दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने और योजनाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जोड़ने का दावा किया गया है.


