संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल पर रिहा हुए इंजीनियर राशिद
पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद को बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक पैरोल पर रिहा करने की अनुमति दी है.

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला से सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को आगामी संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए पैरोल पर रिहा करने की अनुमति दे दी है. अदालत ने उन्हें 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलने वाले पूरे बजट सत्र के दौरान संसद में उपस्थित रहने की इजाजत दी है.
राशिद ने की थी पैरोल की मांग
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राशिद आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं. इससे पहले राशिद ने बजट सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत या हिरासत पैरोल की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था. उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईए के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया. राशिद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विख्यात ओबेरॉय ने याचिका दायर की थी, जबकि सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से अधिवक्ता निशिता गुप्ता पेश हुईं.
अधिवक्ता निशिता गुप्ता ने क्या कहा?
पैरोल मंजूर होने के बाद अधिवक्ता निशिता गुप्ता ने बताया कि अदालत ने राशिद को पूरे सत्र में भाग लेने की अनुमति दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसद को संसद और पुलिस सुरक्षा के बीच सभी सत्रों में उपस्थित रहना होगा और निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा. यह अनुमति 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी.
इंजीनियर राशिद को कब गिरफ्तार किया था?
इंजीनियर राशिद को वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर में कथित आतंकी वित्तपोषण मामले में गिरफ्तार किया गया था. उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, राजद्रोह और आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप हैं. इसके बावजूद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट से जीत दर्ज कर कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों को पीछे छोड़ दिया था. उनकी जीत को कश्मीर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना गया.
राशिद ने अपनी हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में कश्मीरी कैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और भेदभाव के आरोप भी लगाए हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और जेल में व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहे हैं.


