इंडिया-EU डील से ट्रंप का फूटा गुस्सा, अमेरिका में मचा हाहाकार!
India और EU ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिसका उद्देश्य US Tariffs नीति के प्रभाव को कम करना और दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है.
America Europe Conflict: भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है. यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मजबूत आधार बनेगा. मुख्य उद्देश्य अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बढ़ते प्रभाव को कम करना और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करना है. इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में टैरिफ छूट, बेहतर बाजार पहुंच और निवेश के नए अवसर मिलेंगे, जबकि यूरोपीय कंपनियों को भारतीय बाजार में सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध होंगे. कृषि, विनिर्माण, सेवाएं, फार्मास्यूटिकल्स और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा. इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तांतरण और सतत विकास को बल मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अमेरिका-केंद्रित व्यापार युद्ध के दौर में भारत के लिए एक रणनीतिक कदम साबित होगा, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा. कुल मिलाकर, यह समझौता भारत-यूरोप आर्थिक साझेदारी की नई शुरुआत है.


