SIR, दूषित जल, पर्यावरण, टैरिफ...बजट सत्र के दौरान इन अहम मुद्दों पर सवाल उठाएगी कांग्रेस, सोनिया गांधी ने क्या रणनिति ?
बजट सत्र में कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है. पार्टी मनरेगा, चुनाव आयोग के एसआईआर, पर्यावरण, दूषित पेयजल, विदेश नीति, डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये और ट्रंप टैरिफ जैसे मुद्दे उठाएगी. सोनिया गांधी ने जनहित के सवालों पर फोकस रखने को कहा है. राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान इन मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएंगे.

नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई रणनीतिक समूह की बैठक के बाद पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह सरकार को कई अहम जनहित के मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी में है. राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने बताया कि बजट सत्र के पहले चरण में कांग्रेस का मुख्य फोकस मनरेगा और चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर रहेगा.
मनरेगा और SIR पर सरकार को घेरने की योजना
पर्यावरण, विदेश नीति और महंगाई भी एजेंडे में
इन दो बड़े मुद्दों के अलावा कांग्रेस पर्यावरण और विदेश नीति से जुड़े सवालों को भी संसद में उठाने की तैयारी में है. नासिर हुसैन के मुताबिक अरावली क्षेत्र से जुड़ी पर्यावरणीय चिंताएं, इंदौर में दूषित पेयजल के कारण हुई मौतें, भारत की विदेश नीति, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े टैरिफ मुद्दे और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये जैसे विषय भी पार्टी की प्राथमिकता में शामिल हैं. कांग्रेस इन मुद्दों को आम लोगों से सीधे जुड़ा मानती है.
सोनिया गांधी का फोकस: भटकाने वाले मुद्दों से बचना
बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद के अनुसार सोनिया गांधी ने साफ कहा कि सत्ताधारी दल गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए गैर-जरूरी बहसें खड़ी कर सकता है. उन्होंने पार्टी नेताओं को सलाह दी कि ऐसे मुद्दों में उलझने के बजाय गरीबों, किसानों और आम जनता से जुड़े असली सवालों को मजबूती से उठाया जाए.
राहुल गांधी की रणनीति: धन्यवाद प्रस्ताव पर हमला
सूत्रों के अनुसार लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि भले ही सरकार मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून और एसआईआर जैसे मुद्दों पर अलग से चर्चा के लिए तैयार न हो, लेकिन इन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान जरूर उठाया जाना चाहिए. कांग्रेस ने तय किया है कि दो फरवरी से शुरू होने वाली इस चर्चा में राहुल गांधी खुद हिस्सा लेंगे और मोदी सरकार को इन मुद्दों पर घेरेंगे.
यूजीसी नियमों पर सतर्क रुख
यूजीसी के नए नियमों को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने फिलहाल “वेट एंड वॉच” की नीति अपनाई है. नासिर हुसैन ने कहा कि इस मसले का स्थायी समाधान जाति जनगणना से निकलेगा, जिसकी मांग कांग्रेस लगातार कर रही है. हालांकि पार्टी की छात्र इकाई एनएसयूआई ने यूजीसी के नए नियमों का स्वागत किया है, जिससे कांग्रेस के भीतर अलग-अलग मत भी सामने आए हैं.
साझा विपक्षी रणनीति पर जोर
बजट सत्र में सरकार को घेरने के लिए विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में बुधवार सुबह विपक्षी दलों के फ्लोर लीडरों की बैठक बुलाई गई है. नासिर हुसैन ने इसे ‘इंडिया गठबंधन’ की बैठक कहने के बजाय ‘साझा विपक्ष’ की बैठक बताया, जिससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस सभी विपक्षी दलों को साथ लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है.


