दुर्गापुर गैंगरेप: 'पुलिस हर जगह नहीं होती', टीएमसी नेता के बयान से भड़का सोशल मीडिया
दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय की टिप्पणियों से विवाद खड़ा हो गया है.

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय की टिप्पणियों से विवाद खड़ा हो गया है. रविवार को जहां मुख्यमंत्री ममता ने इस घटना को चौंकाने वाला बताया, वहीं उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल संस्थानों को छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क होना चाहिए.
वन क्षेत्र के पास की घटना
ममता बनर्जी ने सवाल किया कि रात 12:30 बजे छात्रा हॉस्टल से बाहर कैसे निकली. उन्होंने कहा कि यह एक वन क्षेत्र के पास की घटना है. निजी मेडिकल कॉलेज को इस बात की जवाबदेही लेनी चाहिए कि छात्राएं देर रात बाहर क्यों थीं. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन साथ ही महिला छात्रों को भी सतर्क रहने की सलाह दी.
इसके अगले दिन TMC के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने बयान दिया कि महिलाओं को रात में अकेले बाहर जाने से बचना चाहिए क्योंकि पुलिस हर जगह मौजूद नहीं रह सकती. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है, लेकिन स्वयं-सावधानी भी ज़रूरी है. उनकी इस टिप्पणी को महिला अधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने असंवेदनशील बताया.
10 अक्टूबर की रात की घटना
घटना 10 अक्टूबर की रात की है जब ओडिशा की मूल निवासी और दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही 23 वर्षीय छात्रा अपनी दोस्त के साथ डिनर से लौट रही थी. तभी तीन आरोपियों ने उसका फोन छीन लिया, उसे एक सुनसान इलाके में घसीटा और उसके साथ बलात्कार किया. बाद में आरोपियों ने पीड़िता से उसका फोन वापस देने के बदले पैसे की मांग भी की.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On the Durgapur alleged gang rape case, TMC MP Saugata Roy says, "Such cases are rare in Bengal. Women's safety in Bengal is better than in any other place... But women shouldn't leave their colleges so late at night, as the police can't patrol… pic.twitter.com/PVFeTBYC5p
— ANI (@ANI) October 13, 2025
पश्चिम बंगाल पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. तीन को रविवार को हिरासत में लिया गया था, जबकि दो अन्य को सोमवार को पकड़ा गया.
घटना को लेकर ओडिशा में भी गुस्सा है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है. ओडिशा महिला आयोग की अध्यक्ष सोवाना मोहंती पीड़िता से मिलने पश्चिम बंगाल पहुंचीं, जहां उन्होंने उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा हालात का जायजा लिया और स्थानीय पुलिस से भी बातचीत की.


