जेवर एयरपोर्ट से बदलेगी उड़ान की तस्वीर, 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

  उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब अगले हफ्ते से चालू होने जा रहा है। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए नई हवाई सुविधा लेकर आएगा।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

नोएडा के पास जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब आखिरकार शुरू होने के लिए तैयार है। अगले हफ्ते से यहां उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है। इस एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन 28 मार्च को होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसकी जानकारी दी है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को एक और बड़ा विकल्प मिलेगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और कम भीड़ का फायदा मिलने की उम्मीद है।

कैसे चरणों में तैयार किया गया एयरपोर्ट?

जेवर एयरपोर्ट को एक साथ नहीं बल्कि कई चरणों में बनाया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और एक बड़ा टर्मिनल तैयार किया गया है। इसी टर्मिनल से शुरुआत में उड़ानों का संचालन होगा। शुरुआती दौर में यहां से करीब 150 फ्लाइट रोज उड़ान भर सकती हैं। शुरुआत में घरेलू उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू की जाएंगी। पहले चरण में यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है।

क्यों कहा जा रहा है इसे मेगा प्रोजेक्ट?

जेवर एयरपोर्ट को भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। इसे लंबे समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। आने वाले वर्षों में यहां और रनवे तथा टर्मिनल बनाए जाएंगे। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारत के विमानन क्षेत्र को नई ताकत देगा। साथ ही देश की आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता भी दिखाएगा।

क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज होगा विकास?

विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने से पूरे क्षेत्र में विकास तेज होगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। यहां नए उद्योग और कारोबारी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को भी फायदा मिलेगा। एयरपोर्ट के आसपास नए शहर और इंडस्ट्रियल जोन विकसित हो सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा सहारा मिल सकता है।

कितना बड़ा होगा पूरा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट?

जब पूरा प्रोजेक्ट तैयार होगा तो जेवर एयरपोर्ट का आकार बेहद विशाल होगा। इसमें कुल पांच रनवे बनाए जाने की योजना है। यह एयरपोर्ट लगभग 11,750 एकड़ जमीन में फैला होगा। इस पैमाने पर यह दुनिया के बड़े एयरपोर्ट्स की श्रेणी में आ जाएगा। इसकी अंतिम यात्री क्षमता करीब 30 करोड़ यात्रियों सालाना तक पहुंच सकती है। यह संख्या कई वैश्विक एयरपोर्ट्स के बराबर है। इससे भारत की एयर ट्रैफिक क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होगी।

क्या बनेगा नया ट्रांसपोर्ट हब?

जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर का नया ट्रांसपोर्ट हब माना जा रहा है। यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें संचालित होंगी। इससे यात्रियों को दिल्ली के मौजूदा एयरपोर्ट के अलावा नया विकल्प मिलेगा। एयरपोर्ट लॉजिस्टिक्स और कार्गो ट्रांसपोर्ट के लिए भी अहम भूमिका निभाएगा। एक्सप्रेसवे और हाईवे से इसकी मजबूत कनेक्टिविटी होगी। इससे व्यापार और निर्यात गतिविधियों को भी गति मिलेगी। कई कंपनियां यहां निवेश करने की तैयारी में हैं।

क्या बढ़ेंगे रोजगार और निवेश के मौके?

इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट से सीधे और परोक्ष दोनों तरह की नौकरियां बढ़ेंगी। पर्यटन, होटल, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर को फायदा मिलेगा। आसपास के शहरों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। छोटे कारोबार और स्थानीय व्यापार को नई गति मिल सकती है। इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जेवर एयरपोर्ट को राज्य के विकास का बड़ा इंजन माना जा रहा है।

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