'टपोरी की तरह संसद आते हैं, तू-तड़ाक करते...' कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर किया अटैक, प्रियंका गांधी का भी लिया नाम
कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है. सीधे उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने बहन प्रियंका गांधी से शिष्टता और अच्छा आचरण सीखना चाहिए.

नई दिल्ली: संसद में आचरण और मर्यादा को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. कंगना ने कहा कि राहुल गांधी संसद में टपोरी की तरह आते हैं और "ऐ, तू, तड़ाक" वाली भाषा में बात करते हैं, जिससे महिला सांसदों को असहजता होती है. उन्होंने राहुल को अपनी बहन प्रियंका गांधी से शिष्टता और अच्छा आचरण सीखने की सलाह दी.
कंगना का तीखा बयान
बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा, "राहुल गांधी संसद में टपोरी की तरह आते हैं और ऐ, तू, तड़ाक कर बातें करते हैं. उनके इस आचरण को देखकर महिला सांसद असहज हो जाती हैं. राहुल को अपनी बहन प्रियंका गांधी से शिष्टता और अच्छा व्यवहार सीखना चाहिए. प्रियंका कितना शालीन आचरण करती हैं. राहुल गांधी अपने आप में एक शर्म का विषय हैं."
#WATCH Delhi: On the letter to the public by 84 former bureaucrats, 116 veterans and former lawyers on Congress MP and LoP Rahul Gandhi, BJP MP Kangana Ranaut says, "...It is very uncomfortable the way he conducts himself, he should see the conduct and behaviour of his sister,… pic.twitter.com/KsFOVeDKGm
— ANI (@ANI) March 18, 2026
12 मार्च की घटना पर उठा विवाद
यह हमला 12 मार्च को संसद भवन परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर उठे विवाद के बाद आया है. उस दिन राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष के आदेशों की अनदेखी करते हुए संसद की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया था.
इस घटना के बाद 200 से ज्यादा सेवानिवृत्त नौकरशाहों, पूर्व सैन्य अधिकारियों, राजदूतों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने एक खुला पत्र जारी किया. पत्र में राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने, अध्यक्ष की अवहेलना करने और संसद को राजनीतिक तमाशे का मंच बनाने का आरोप लगाया गया है.
पूर्व अधिकारियों ने मांगी माफी
खुले पत्र में कहा गया है कि राहुल गांधी को राष्ट्र से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने संसद की सीढ़ियों पर चाय-बिस्किट खाते हुए प्रदर्शन को पूरी तरह अशोभनीय बताया. पत्र में लिखा है कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसकी सीढ़ियां, गलियारे या परिसर किसी भी तरह के राजनीतिक नाटक या तमाशे के लिए नहीं है. इस पत्र को जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने समन्वित किया है. इसमें 204 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं.


