रूस का पाकिस्तान को सस्ता तेल ऑफर, पहल की जिम्मेदारी पाक पर

रूस ने पाकिस्तान को सस्ते कच्चे तेल का ऑफर दिया है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को खुद पहल करनी होगी. वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद पाकिस्तान में ईंधन की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान में जारी युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, लेकिन रूस ने पाकिस्तान को सस्ते कच्चे तेल की पेशकश की है. रूस की शर्त यह है कि पाकिस्तान को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए स्वयं पहल करनी होगी और रूस से तेल की आपूर्ति का अनुरोध करना होगा. इसके ठीक अगले दिन पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त और स्थिर बनी हुई है.

पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने क्या कहा? 

पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की अस्थिरता के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संतोषजनक है. मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि पेट्रोलियम आपूर्ति की निगरानी करने वाली समिति ने अपनी हालिया बैठक में स्टॉक की स्थिति और आने वाले सप्लाई का आकलन किया. समिति की अध्यक्षता वित्त मंत्री सीनेटर मोहम्मद औरंगजेब कर रहे हैं.

मंत्रालय के अनुसार, डीजल का मौजूदा भंडार लगभग 24 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है, जबकि पेट्रोल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. देश में सही मात्रा में आयात हो रहा है और रिफाइनरियां नियमित रूप से काम कर रही हैं, जिससे ईंधन की आपूर्ति में स्थिरता बनी रहती है. आने वाली कच्चे तेल की खेप और रास्ते में मौजूद अतिरिक्त कार्गो से भंडार और मजबूत होने की उम्मीद है.

वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि समिति ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम और कीमतों में बढ़ते दबाव पर ध्यान दिया है. इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाया जा रहा है, ताकि आवश्यक फाइनेंसिंग सुनिश्चित की जा सके.

निगरानी में पूरा सप्लाई चेन

पूरा सप्लाई चेन लगातार निगरानी में रखा गया है, ताकि जमाखोरी और असमय भंडारण से बचा जा सके और देशभर में तेल और गैस की समय पर उपलब्धता बनी रहे, खासकर ईद और फसल कटाई के मौसम से पहले. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिपो चालू रहेंगे और ईंधन की उपलब्धता में किसी तरह की रुकावट नहीं होगी.

रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस पाकिस्तान को रियायती दरों पर तेल देने के लिए तैयार है, लेकिन इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पाकिस्तान को खुद आगे आना होगा. अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई औपचारिक पहल नहीं हुई है.

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ा है. इसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. बढ़ती कीमतें देश की गरीब जनता के लिए आर्थिक परेशानी और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना और भी चुनौतीपूर्ण बना रही हैं.

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