एक ही परिवार के 5 लोगों ने की आत्महत्या...घर में ही फांसी पर लटकते मिले शव, इलाके में फैली सनसनी

उत्तर प्रदेश के कासगंज में आर्थिक तंगी और बेटे की गंभीर बीमारी से लाचार एक पिता ने अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या  कर ली. घर से पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों के शव संदिग्ध अवस्था में बरामद हुए हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

कासगंज : उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के अमांपुर क्षेत्र में शनिवार की शाम एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया. नगला भोजराज निवासी सत्यवीर, जो पिछले दस वर्षों से किराए के मकान में रहकर वेल्डिंग का काम करते थे, अपने पूरे परिवार के साथ मृत पाए गए. चार दिनों से दुकान न खुलने के बाद जब पड़ोसियों ने संदेह होने पर अंदर झांका, तो खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए. पुलिस अब इस सामूहिक मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.

दुकान का शटर पिछले चार दिनों से नहीं खुला

सत्यवीर की दुकान का शटर पिछले चार दिनों से नहीं खुला था और कई ग्राहक वहां से रोज निराश लौट रहे थे. शनिवार शाम जब कुछ लोग दुकान के पीछे गए, तो उन्हें खिड़की से सत्यवीर का शव फंदे पर लटकता दिखा. ग्रामीणों ने जब गेट के पास पड़ा पर्दा हटाया तो अंदर पत्नी और तीन बच्चों के शव देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शटर के ताले तोड़े और शवों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की.

कमरे के भीतर का खौफनाक दृश्य

घर के भीतर प्रवेश करने पर पुलिस को कुल पांच शव बरामद हुए. सत्यवीर फांसी पर लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी रामश्री और तीन बच्चों- प्राची, अमरवती व गिरीश के शव एक ही चारपाई पर पड़े हुए थे. डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पत्नी के गले पर चोट के निशान मिले हैं, जबकि बच्चों के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी. कमरा अंदर से बंद होने के कारण किसी बाहरी हमले या जबरन घुसपैठ की संभावना नजर नहीं आ रही है.

मुख्य वजह सत्यवीर के दस वर्षीय बेटे की ...

इस सामूहिक विनाश के पीछे की मुख्य वजह सत्यवीर के दस वर्षीय बेटे गिरीश की गंभीर बीमारी बताई जा रही है. रिश्तेदारों के अनुसार, बेटे के इलाज के लिए सत्यवीर को बड़ी रकम की जरूरत थी, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय थी. उसने मदद के लिए अपने गांव में भी लोगों से गुहार लगाई थी, परंतु कहीं से भी वित्तीय सहायता नहीं मिल पाई. इस असफलता और लाचारी ने शायद उसे यह चरम कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.

पुलिस का प्रारंभिक अनुमान

पुलिस को अंदेशा है कि सत्यवीर ने पहले अपने बच्चों को कोई जहरीला पदार्थ दिया होगा और फिर अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद स्वयं फांसी लगा ली. बच्चों के शरीर पर चोट के निशान न होना इसी ओर इशारा करता है कि उन्हें जहर खिलाया गया था. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गहराई से जांच चल रही है और सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली और सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा.

घटना के बाद इलाके में फैली सनसनी 

सत्यवीर की आर्थिक हालत बेहद खराब थी और वह परिवार पालने के लिए दुकान के साथ-साथ ईंट भट्ठे पर भी मजदूरी करता था. घटना की खबर सुनते ही गांव नगला भोजराज और अमांपुर में मातम छा गया है. सत्यवीर की साली ने बताया कि वह अपने बच्चे को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा था, लेकिन गरीबी ने उसके हौसले तोड़ दिए. रिश्तेदारों का कहना है कि समय पर आर्थिक मदद न मिलना इस पूरे परिवार की तबाही का कारण बना.

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