आप योगी हैं, तो मुख्यमंत्री कैसे रह सकते हैं ? CM योगी के शंकराचार्य वाले बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बजट सत्र को दौरान विधानसभा में शंकराचार्य विवाद पर अपना पक्ष रखा था. अब सीएम योगी के बयान पर शंकराचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि जो योगी बन गया हो, उसे राजपाट से दूर रहना चाहिए. राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी फिर से राजा नहीं बनता.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बजट सत्र को दौरान विधानसभा में शंकराचार्य विवाद पर अपना पक्ष रखा था. उन्होंने कहा था कि कोई भी व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कानून से ऊपर नहीं हो सकता, यहां तक कि मुख्यमंत्री भी नहीं. अब सीएम योगी के बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि सनातन परंपराम में शंकाराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र या सरकारी के द्वारा तय नहीं होती.

उन्होंने कहा जो योगी बन गया हो, उसे राजपाट से दूर रहना चाहिए. राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी फिर से राजा नहीं बनता. तो अब सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, तो मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता को स्वीकार कैसे कर सकते हैं ?

2015 में सपा ने मारा था और अब आपने...

दरअसल, यह मीडिया संस्थान को दिए एक इंटरव्यू में शंकराचार्य ने कहा कि सपा ने समय में शंकराचार्य को मारा था. आप भी अपने समय में मार चुके हो. मतलब यह कि सपा ने जिसे मारा, उसे अब हम भी मार सकते हैं. अगर यही परिभाषा है, तो आप सपा से अलग कैसे हो सकते है ? उन्होंने कहा कि जो अहंकार 2015 में अखिलेश यादव के माथे पर चढ़ा था, वही अहंकार अब आपके माथे पर भी चढ़ गया है. अखिलेश यादव तो बर्बाद हो गए, अब इनका देखिएगा.


शंकराचार्य को सरकार नियुक्त नहीं कर सकती...

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन धर्म में ऐसी कोई परंपरा नहीं है कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार प्रमाणपत्र देकर शंकराचार्य नियुक्त करे. शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं सदियों पुरानी हैं और इसमें धार्मिक पदों का निर्धारण आध्यात्मिक परंपरा, धार्मिक मान्यताओं और गुरु-शिष्य परंपरा के आधार पर होता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का कोई राजनीतिक दल यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य होगा या नहीं ?

कोई भी खुद को शंकराचार्य नहीं कह सकता...CM योगी 

बता दें कि शुक्रवार को शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में अपना पक्ष रखा था. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कानून से ऊपर कोई नहीं है, यहां तक कि मुख्यमंत्री भी नहीं. उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है और इनकी अपने नियम और परंपराएं है, जिनका पालन होना जरूरी है. 

केवल गेरुआ वस्त्र पहनने से कोई योगी नहीं....अखिलेश यादव 

सीएम योगी ने शंकराचार्य पर आरोप लगाया कि जिस मुद्दे को लेकर माध मेले में विवाद बनाया गया, वह वास्तविक मुद्दा नहीं था बल्कि जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी. उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था बनाई थी और किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर संबंधित व्यक्ति शंकराचार्य थे तो पूर्व में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई. वहीं इस पूरे मामले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी का पलटवार करते हुए कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहनने  या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता.

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