SIR अभियान में बड़ा एक्शन: 12 राज्यों से हटाए गए 5.2 करोड़ नाम, यूपी में जुड़े 92 लाख नए मतदाता
SIR अभियान के तहत चुनाव आयोग ने 12 राज्यों की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव किया है. करीब 5.2 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 92 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं.

नई दिल्ली: देशभर में मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बड़ा बदलाव सामने आया है.चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट से करीब 5.2 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 10.2 प्रतिशत हैं.
चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है. इस प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित, डुप्लीकेट और अन्य अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए, ताकि फर्जी मतदान की संभावना को खत्म किया जा सके.
बिहार से शुरू हुआ अभियान, कई राज्यों तक विस्तार
SIR अभियान की शुरुआत बिहार से की गई थी, जिसके बाद इसे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु समेत 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश तक विस्तारित किया गया.
इस दौरान करीब 51 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया, जिनमें से 10.2 प्रतिशत नाम अयोग्य पाए जाने पर सूची से हटा दिए गए. यह प्रक्रिया अंदमान-निकोबार से लेकर केरल तक व्यापक स्तर पर लागू की गई.
अंडमान-निकोबार में सबसे ज्यादा नाम हटे
आंकड़ों के अनुसार, अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह में सबसे अधिक 16.6 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए.
इसके बाद उत्तर प्रदेश में 13.2 प्रतिशत और गुजरात में 13.1 प्रतिशत नामों की छंटनी की गई. छत्तीसगढ़ में 11.3 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 10.9 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए, जहां 27 लाख से ज्यादा नाम न्यायिक प्रक्रिया के तहत हटाए गए.
6.5 करोड़ ने नहीं किया कभी मतदान
SIR अभियान के दौरान यह भी सामने आया कि करीब 13 करोड़ लोग अपने पते पर मौजूद नहीं थे, जबकि 3.1 करोड़ लोग दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो चुके थे.
इसके अलावा करीब 6.5 करोड़ ऐसे मतदाता पाए गए, जिन्होंने कभी मतदान ही नहीं किया. ऐसे मामलों में फर्जी मतदान की आशंका को देखते हुए इन नामों को सूची से हटाया गया.
शुद्धिकरण के बाद अब इन 12 क्षेत्रों में कुल 45.8 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में क्रमशः 20.9% और 10% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल और लक्षद्वीप में भी मतदाताओं की संख्या में कमी आई है.
यूपी में जुड़े सबसे ज्यादा नए मतदाता
नाम हटाने के साथ-साथ चुनाव आयोग ने लगभग 2 करोड़ नए मतदाताओं को सूची में शामिल भी किया है.
इसमें Uttar Pradesh 92.4 लाख नए मतदाताओं के साथ शीर्ष पर है. इसके बाद तमिलनाडु में 35 लाख, केरल में 20.4 लाख और राजस्थान में 15.4 लाख नए नाम जोड़े गए.
मध्य प्रदेश और गुजरात में भी लाखों लोगों ने फॉर्म 6 और फॉर्म 8 के जरिए अपना पंजीकरण कराया, जिससे मतदाता सूची में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है.


