13 जिंदा जले, 17 पॉलिथीन में उठाए गए शरीर के टुकड़े, मथुरा एक्सप्रेस-वे पर कोहरे में 8 बसें-3 कारें टकराईं
मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर घने कोहरे ने भीषण तबाही मचा दी। कई बसों और कारों की टक्कर के बाद आग लग गई, जिसमें 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

यूपी न्यूज. यह भयानक हादसा मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 127 पर हुआ। सुबह के वक्त घना कोहरा छाया हुआ था। दृश्यता बेहद कम थी। एक बस ने अचानक ब्रेक लगाया। पीछे से आ रही गाड़ियां उसे देख नहीं सकीं। देखते ही देखते 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में गाड़ियों में आग लग गई। पूरा इलाका धुएं और चीख-पुकार से भर गया।
टक्कर के बाद हालात कितने भयावह थे?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के बाद ऐसा लगा जैसे बम धमाका हुआ हो। बसों के शीशे टूट गए। लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने लगे। कई यात्री आग में फंस गए। कुछ ही मिनटों में बसें धू-धू कर जलने लगीं। कई शव बुरी तरह जल गए। पुलिस को बसों से कटे हुए अंग भी मिले। इन अवशेषों को 17 पॉलिथीन बैग में भरकर ले जाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कितना वक्त लगा?
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF मौके पर पहुंची। 9 थानों की पुलिस और करीब 50 जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। आग बुझाने और घायलों को निकालने में करीब 6 घंटे लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेस्क्यू में देरी हुई। कई लोगों का कहना है कि अगर मदद जल्दी मिलती तो कुछ जिंदगियां बच सकती थीं।
घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
हादसे में करीब 70 लोग घायल हुए हैं। 11 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
शवों की पहचान कैसे होगी?
कई शव पूरी तरह जल चुके हैं। कुछ की पहचान संभव नहीं हो पा रही है। पुलिस ने बताया कि डीएनए टेस्ट के जरिए शवों की पहचान कराई जाएगी। मृतकों में एक भाजपा नेता के शामिल होने की भी पुष्टि हुई है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने सभी शवों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। ADM प्रशासन अमरेश जांच का नेतृत्व करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए हैं।


