कितनी पत्नियां? ऐतिहासिक व्हाइट हाउस मीटिंग में ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति से किया मजाक, Video वायरल

व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की ऐतिहासिक मुलाकात ने दशकों बाद संबंध सुधार की नई शुरुआत की. कभी आतंकवादी घोषित अल-शरा अब सीरिया को वैश्विक मंच पर पुनः स्थापित करना चाहते हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इतिहास में सोमवार का दिन एक अहम मोड़ साबित हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेज़बानी की. यह मुलाकात वर्षों से असंभव मानी जा रही थी, क्योंकि कभी अल-शरा को अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था और उन पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा गया था.

हल्का-फुल्का मजाक

बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने अल-शरा को एक इत्र की बोतल भेंट की. ट्रंप ने मुस्कराते हुए कहा, “यह सबसे अच्छी खुशबू है और दूसरी आपकी पत्नी के लिए. इसके बाद उन्होंने मजाक में पूछा, कितनी पत्नियां हैं? थोड़ी देर की चुप्पी के बाद अल-शरा ने जवाब दिया कि एक. इस पर ट्रंप और मौजूद अधिकारियों ने ठहाका लगाया. ट्रंप ने मजाक में आगे कहा कि तुम्हें कभी पता नहीं चलता! इस पल ने दोनों नेताओं के बीच की कड़वाहट को कुछ पल के लिए हल्का बना दिया.

75 साल बाद किसी सीरियाई नेता की पहली अमेरिकी यात्रा

यह यात्रा ऐतिहासिक इसलिए भी रही क्योंकि 1946 में सीरिया की आजादी के बाद यह किसी सीरियाई राष्ट्रपति की व्हाइट हाउस की पहली आधिकारिक यात्रा थी. यह मुलाकात उस समय हुई जब अमेरिका ने हाल ही में सीरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को 180 दिनों के लिए स्थगित किया है, जो दोनों देशों के रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

संबंधों को सुधारने की कोशिश

सीरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने बयान जारी करते हुए बताया कि 43 वर्षीय अल-शरा की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को मज़बूत करना और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाना था. ट्रंप ने बैठक के दौरान कहा कि अल-शरा के साथ मेरे संबंध अच्छे हैं. मुझे विश्वास है कि हम एक साथ कई चुनौतियों को सुलझा सकते हैं.

अल-कायदा से जुड़े अतीत पर सफाई

अहमद अल-शरा ने कहा था कि उनका अल-कायदा के साथ संबंध अब अतीत की बात है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ हुई इस मुलाकात में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई.

सत्ता में आने की वजह

पिछले साल दिसंबर 2024 में अल-शरा तब सत्ता में आए जब उनकी इस्लामी सेनाओं ने बशर अल-असद सरकार को एक तेज और अप्रत्याशित हमले में हरा दिया. उसके बाद से उन्होंने खुद को एक राष्ट्रवादी सुधारवादी नेता के रूप में प्रस्तुत किया है, जो सीरिया को अंतरराष्ट्रीय मुख्यधारा में वापस लाना चाहता है.

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