'क्या पुतिन को भी मादुरो की तरह पकड़ेंगे?' ट्रंप से पूछा गया सवाल...अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया यह जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई की अटकलों को खारिज किया और यूक्रेन युद्ध के लंबा खिंचने पर निराशा जताई. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी चर्चाओं के बीच उन्होंने रूस से संबंधों और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया.

नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी जैसी कोई सैन्य या गुप्त कार्रवाई कर सकता है. ट्रंप ने साफ कहा कि ऐसा कोई कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, उन्होंने यूक्रेन युद्ध के अब तक खत्म न होने पर गहरी निराशा जरूर जताई.
पुतिन पर कार्रवाई की अटकलें खारिज
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस के खिलाफ इस तरह की नाटकीय कार्रवाई की जरूरत पड़ेगी. जेलेंस्की ने संकेत दिया था कि मादुरो के बाद पुतिन भी ऐसे किसी कदम के दायरे में आ सकते हैं. इस पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हमारे रूस के साथ अच्छे संबंध रहेंगे, जैसे पहले रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाशिंगटन इस मामले में किसी जल्दबाजी के मूड में नहीं है.
यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप की निराशा
अमेरिका के शीर्ष तेल और गैस अधिकारियों के साथ बैठक में ट्रम्प ने यूक्रेन युद्ध को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अपेक्षा से कहीं अधिक लंबा खिंच गया है. ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई युद्धों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है और उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध भी अपेक्षाकृत जल्दी सुलझ जाएगा. उन्होंने युद्ध में हो रहे जान-माल के भारी नुकसान पर अफसोस जताया.
मानवीय नुकसान
ट्रंप ने बताया कि हाल के महीनों में हजारों लोग इस युद्ध में मारे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में रूसी सैनिक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इससे न केवल जानें जा रही हैं, बल्कि रूस की अर्थव्यवस्था भी गंभीर दबाव में है. ट्रंप का मानना है कि अंततः इस संघर्ष का समाधान निकलेगा, लेकिन काश यह पहले हो पाता, ताकि इतनी जानें न जातीं.
जेलेंस्की का संकेत
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई थी. इसी संदर्भ में जेलेंस्की ने बयान देते हुए इशारों में कहा था कि यदि किसी तानाशाह के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तो अमेरिका जानता है कि आगे क्या करना है. इस बयान को कई लोग पुतिन से जोड़कर देख रहे थे, हालांकि ट्रंप ने ऐसे किसी भी इरादे से इनकार किया.
कैसे हुई मादुरो की गिरफ्तारी?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो की गिरफ्तारी एक सुनियोजित अभियान के तहत की गई. देर रात शुरू हुए इस ऑपरेशन में अमेरिकी विमानों और विशेष बलों ने कराकस में कार्रवाई की. मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया, जहां उन पर मादक पदार्थों की तस्करी सहित कई गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा.
वेनेजुएला में नई सियासी स्थिति
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाल लिया है. उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद बहाल करने की शुरुआती कोशिशें शुरू हो चुकी हैं. यह पूरा घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में नई बहस और तनाव को जन्म दे रहा है.


