ईरान युद्ध में 140 अमेरिकी सैनिक घायल, पेंटागन ने जारी किए ताजा आंकड़े
ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच जारी युद्ध में अमेरिकी सेना को भी बड़ा नुकसान हुआ है. पेंटागन के अनुसार इस संघर्ष में अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश को मामूली चोटें आई हैं और कई सैनिक दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं.

नई दिल्ली: ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है. पेंटागन के अनुसार इस युद्ध में अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं. यह पहली बार है जब अमेरिकी रक्षा विभाग ने मध्य पूर्व में चल रहे इस संघर्ष में घायल सैनिकों की संख्या को सार्वजनिक किया है.
मंगलवार को जारी बयान में पेंटागन ने बताया कि ज्यादातर सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं और उनमें से कई दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं. हालांकि कुछ सैनिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जो इस युद्ध के मानवीय प्रभाव को भी उजागर करता है.
अधिकांश घायल सैनिक ड्यूटी पर लौटे
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि घायल सैनिकों में से कई की स्थिति स्थिर है और वे फिर से अपनी इकाइयों के साथ काम कर रहे हैं.
एसोसिएटेड प्रेस द्वारा उद्धृत ईमेल बयान में उन्होंने कहा, "इनमें से अधिकांश चोटें मामूली थीं, और 108 सैन्यकर्मी पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं."
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं, जिससे इस युद्ध की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ा संघर्ष
मध्य पूर्व में यह तनाव तब और बढ़ गया जब संयुक्त अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई. इसके बाद ईरान ने पूरे क्षेत्र में कई देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए.
इसी हमलों के दौरान अमेरिकी सैनिकों को भी चोटें आईं, जिनका विवरण अब पहली बार सामने आया है.
ईरानी हमलों में सात अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेना के अनुसार, अब तक कम से कम सात अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. इनमें से छह सैनिक कुवैत में और एक सऊदी अरब में मारा गया.
ईरान में बढ़ता जा रहा है मौत का आंकड़ा
दूसरी ओर, इस युद्ध का असर ईरान के भीतर भी गंभीर रूप से दिखाई दे रहा है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (एचआरएएनए) के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक ईरान में करीब 1,250 नागरिकों की मौत हो चुकी है.
इन मृतकों में 194 बच्चे और 189 ईरानी सैन्यकर्मी भी शामिल बताए गए हैं.
अमेरिका ने तेज किए हमले
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि 10 मार्च (मंगलवार) ईरान पर अमेरिकी हमलों का अब तक का "सबसे तीव्र" दिन होगा, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह संघर्ष लगातार और अधिक उग्र होता जा रहा है.
5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले
इसी बीच, अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी सेना अब तक 5,000 से अधिक ठिकानों पर हमला कर चुकी है.
ईरान ने युद्ध जारी रखने की कही बात
ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह दबाव में आकर पीछे हटने वाला नहीं है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि तेहरान युद्धविराम की मांग कर सकता है.
ट्रंप को ईरान की चेतावनी
इस बीच ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को कड़ी चेतावनी दी है.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी ने X पर लिखा,"ईरान को आपकी खोखली धमकियों से डर नहीं लगता. आपसे बड़े लोग भी ईरान को खत्म नहीं कर सके. सावधान रहें, कहीं आप खुद ही खत्म न हो जाएं,"
व्हाइट हाउस ने ट्रंप के रुख का किया बचाव
उधर व्हाइट हाउस ने इस संघर्ष को लेकर ट्रंप प्रशासन के रुख का बचाव किया है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध शुरू करने के फैसले को लेकर अलग-अलग स्पष्टीकरण देते हुए "कुछ भी मनगढ़ंत नहीं कह रहे हैं".


