सऊदी अरब में 31 हजार नई नौकरियां, जानें किन लोगों को मिलेगा मौका
सऊदी अरब ने मस्जिदों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और अपने नागरिकों को व्यापक पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है.

सऊदी अरब ने मस्जिदों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और अपने नागरिकों को व्यापक पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. इस्लामिक अफेयर्स, दावत और गाइडेंस मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि मस्जिदों में कुल 31,000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी. इस अभियान को देश में अब तक का सबसे बड़ा रोजगार कार्यक्रम माना जा रहा है.
भर्ती में कौन-कौन से पद शामिल?
मंत्री शेख डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-शेख के अनुसार, यह पहल न केवल धार्मिक संस्थानों में कार्यप्रणाली को मजबूत करेगी, बल्कि हजारों सऊदी नागरिकों को अवसर भी प्रदान करेगी. इस नए चरण में इमाम, मौज्जिन (अज़ान देने वाले), महिला प्रीचर, धार्मिक प्रवचनकर्ता और मस्जिद सुपरवाइज़र जैसे पद शामिल किए गए हैं. पिछले चार वर्षों में मंत्रालय पहले ही 60,000 से अधिक लोगों की नियुक्ति कर चुका है. अब इन 31,000 अतिरिक्त पदों के साथ, राष्ट्रीय रोजगार पहल के तहत कुल संख्या 91,000 तक पहुंच गई है.
इस भर्ती अभियान की सबसे खास बात इसका रिवार्ड सिस्टम है. इस व्यवस्था के तहत ये नौकरियां पूरी तरह सरकारी स्थायी पद नहीं होंगी, बल्कि पार्ट-टाइम जिम्मेदारियों के रूप में दी जाएंगी. इसका लाभ यह है कि चयनित व्यक्ति अपनी मुख्य नौकरी जारी रखते हुए मस्जिद के कार्यों में भी योगदान दे सकेंगे. मंत्रालय का मानना है कि इससे उन लोगों को भी अवसर मिलेगा जो धार्मिक सेवा करना चाहते हैं, लेकिन पूर्णकालिक नौकरी के कारण ऐसा नहीं कर पाते.
आवेदन के लिए कुछ मूल शर्तें निर्धारित
मकाफाआत सिस्टम के तहत आवेदन करने के लिए कुछ मूल शर्तें निर्धारित की गई हैं. आवेदक का सऊदी नागरिक होना अनिवार्य है और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. चरित्र अच्छा होना चाहिए और किसी भी तरह के आपराधिक मामले का रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए. मानसिक और शारीरिक रूप से फिट होना भी जरूरी है. फुल-टाइम नौकरी का दबाव न होने के कारण यह व्यवस्था विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपने समय का एक हिस्सा धार्मिक कार्यों में देना चाहते हैं.
इमाम बनने के लिए कुरआन की तिलावत में दक्षता जरूरी मानी गई है. बड़ी मस्जिदों के लिए तजवीद के साथ पढ़ना और कुरआन का एक बड़ा हिस्सा याद होना अपेक्षित है. इसके अतिरिक्त, फिक्ह यानी इस्लामी नियमों का बुनियादी ज्ञान होना भी अनिवार्य है.
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं रखी गई है. इच्छुक उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र में स्थित मंत्रालय के कार्यालय में जाकर दस्तावेजों सहित आवेदन जमा करना होगा, ताकि योग्यता की प्रत्यक्ष जांच की जा सके.


