एक घंटे में 7 झूठ... ट्रंप के दावों को ईरान ने बताया झूठा, होर्मुज को लेकर फिर बढ़ा तनाव
ईरान ने ट्रंप के कई दावों को झूठा बताते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त चेतावनी दी है. परमाणु समझौते और नाकाबंदी पर दोनों देशों के विरोधाभासी बयान तनाव को और बढ़ा रहे हैं.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब बयानबाज़ी का दौर भी तेज हो गया है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव में हालात ऐसे बन गए हैं कि दोनों देश एक-दूसरे पर खुलकर आरोप लगा रहे हैं. इसी कड़ी में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर तीखा हमला बोला है, जिससे कूटनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है.
कलीबाफ ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक घंटे के भीतर सात झूठे दावे किए. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वे कौन-कौन से दावे थे, लेकिन उन्होंने ट्रंप की बातों को पूरी तरह गलत बताया. यह बयान उस समय आया जब ट्रंप एरिज़ोना में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे और ईरान से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रख रहे थे.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा विवाद
कलीबाफ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा कि अगर अमेरिका की ओर से लगाई गई नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला नहीं रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही एक तय नियम के अनुसार ही होगी और इसके लिए ईरान की अनुमति जरूरी होगी. यह बयान ट्रंप के उस दावे के बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह मार्ग पूरी तरह व्यापार के लिए खुला है.
सोशल मीडिया बना नया कूटनीतिक मंच
दोनों देशों के नेताओं के बीच यह टकराव अब सोशल मीडिया पर भी साफ दिखाई दे रहा है. क़लीबाफ़ ने कहा कि इस तरह के “झूठे दावे” न तो युद्ध में मददगार होते हैं और न ही बातचीत में. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ज़मीनी हकीकत ही हालात तय करेगी, न कि सोशल मीडिया पर किए गए बयान. उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के समय में मीडिया और जनमत को प्रभावित करना भी संघर्ष का एक अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन ईरान इस तरह के दबाव में आने वाला नहीं है.
पहले के बयानों से भी बना भ्रम
इससे पहले कलीबाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि युद्धविराम के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा. लेकिन अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहने से स्थिति साफ नहीं हो पाई है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने भी अराघची के बयान पर सवाल उठाए और कहा कि इससे देश के अंदर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है.
शेयर बाजार और तेल कीमतों पर असर
इन घटनाओं का असर वैश्विक बाजार पर भी देखने को मिला. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से शेयर बाजार में हल्की तेजी दर्ज की गई. हालांकि, होर्मुज जलमार्ग के पूरी तरह खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हो पाई है.
ट्रंप के दावे और ईरान का खंडन
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को अस्थायी रूप से रोकने के लिए तैयार हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने समृद्ध यूरेनियम सौंपने पर सहमति दी है. लेकिन ईरान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है. ईरानी अधिकारियों ने साफ किया कि अमेरिका के ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं.
नया कानून लाने की तैयारी
इस बीच, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने जानकारी दी कि संसद एक नया मसौदा कानून तैयार कर रही है. इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया जा सकता है, ताकि इस मार्ग की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके.
इजराइल-लेबनान मुद्दे पर भी बयान
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि इजराइल लेबनान पर बमबारी बंद कर देगा. हालांकि, इस पर भी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. उन्होंने अपने संदेश के अंत में “बहुत हो गया” कहकर स्थिति की गंभीरता को दिखाने की कोशिश की.


