सीजफायर के बाद ईरान की बड़ी चेतावनी, कहा- बिना अनुमति होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को उड़ा देंगे

अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों बाद युद्धविराम पर सहमति बनी, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना अहम शर्त है. हालांकि, ईरान ने जहाजों को बिना अनुमति गुजरने पर नष्ट करने की चेतावनी देकर क्षेत्र में तनाव बरकरार रखा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

करीब 40 दिनों तक चले तनाव और टकराव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनती नजर आ रही है. बुधवार को तय समयसीमा खत्म होने से पहले ईरान ने एक 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव पेश किया, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया. इस समझौते में साफ किया गया है कि सीजफायर तभी प्रभावी होगा, जब होर्मुज जलडमरूमध्य को पहले की तरह पूरी तरह से खोल दिया जाएगा और वहां से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी.

सामान्य नहीं दिख रहे हालात

हालांकि, इस सहमति के बीच हालात पूरी तरह सामान्य नहीं दिख रहे हैं. ईरान की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद जहाजों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने स्पष्ट कहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अब भी ईरान से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. अगर कोई जहाज बिना अनुमति के इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी नौसेना ने रेडियो संदेश के जरिए जहाजों को चेताया कि बिना मंजूरी के आगे बढ़ना खतरनाक साबित हो सकता है. संदेश में साफ तौर पर कहा गया कि जो जहाज निर्देशों का पालन नहीं करेंगे उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. इस चेतावनी से साफ है कि भले ही युद्धविराम पर सहमति बनी हो, लेकिन क्षेत्र में तनाव अब भी बरकरार है.

यह घटनाक्रम उस बयान के बाद सामने आया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह तक रोक सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत, सुरक्षित और पूरी तरह खोल दिया जाए. अमेरिका की यही शर्त इस समझौते का अहम हिस्सा बनी.

होर्मुज के पास कई जहाज रुके 

रिपोर्ट्स के अनुसार, जलडमरूमध्य के आसपास कई जहाज फिलहाल रुके हुए हैं और सामान्य आवाजाही अभी शुरू नहीं हो पाई है. ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जिसके चलते उसने फारस की खाड़ी के ऊपर अपने लड़ाकू विमान भी तैनात कर रखे हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. यह ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा रास्ता है, जिसकी चौड़ाई करीब 34 किलोमीटर है. इसी रास्ते से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में तेल, उर्वरक और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई होती है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.

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