'भारत का नक्शा बदल देंगे…' पाकिस्तान की नई साजिश बेनकाब, आतंकी मंच से फिर उगला जहर

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और आतंकी संगठनों की सांठगांठ एक बार फिर बेनकाब हुई है. जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा के मंच से भारत के खिलाफ खुली धमकियों ने पाकिस्तानी सेना की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान एक बार फिर आतंक के रास्ते भारत को धमकाने की कोशिश करता दिख रहा है. पाकिस्तानी सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सांठगांठ के नए संकेत सामने आए हैं, जहां खुले मंच से भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए गए हैं.

आतंकी संगठनों जमात-उद-दावा (JuD) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े शीर्ष चेहरों ने न सिर्फ भारत को गीदड़भभकी दी, बल्कि पाकिस्तानी सेना के खुले समर्थन का दावा भी किया. इन बयानों ने एक बार फिर पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और आतंकियों के रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आतंकियों ने खोली पाकिस्तानी सेना की पोल

रिपोर्ट्स दावा किया गया है कि पंजाब प्रांत के रहीम यार खान में एक आतंकी कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस मंच पर लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर सैफुल्लाह कसूरी, हाफिज सईद के करीबी आतंकी और जमात-उद-दावा के अताउल्लाह घिलजई मौजूद थे.

वीडियो में इन आतंकियों को भारत के खिलाफ खुले तौर पर बयानबाजी करते देखा गया. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन हासिल है. इससे पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मंशा और भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.

भारत का नक्शा बदल देंगे, खुले मंच से धमकी

जमात-उद-दावा के अताउल्लाह घिलजई ने रैली को संबोधित करते हुए कहा,"हम भारत का नक्शा बदल सकते हैं और ऐसा करने के लिए पूरी तरह से तैयार भी हैं. हम भारत के अंदर तक पहुंच सकते हैं. हम पाकिस्तान की सेना के साथ तालमेल बैठा रहे हैं ताकि अपने विचारों की रक्षा सकें. हमने पाकिस्तान की सेना और नेताओं को हमारे साथ बैठने और पाकिस्तान की विचारधारा की रक्षा करने का निमंत्रण दिया."

घिलजई ने यह भी दावा किया कि कथित दुश्मनों और साजिशों के बावजूद पाकिस्तान आगे बढ़ रहा है.

'मदरसे में ट्रेंड तालिबान जैसे लड़ाके चाहिए'

लश्कर-ए-तैयबा के सैफुल्लाह कसूरी ने न सिर्फ भड़काऊ बयान दिए, बल्कि पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय रूप से उतरने का ऐलान भी किया. कसूरी ने कहा,"हम राजनीति में आ रहे हैं और दुनिया हमसे डर रही है. मदरसे के छात्र जिहाद में अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए तैयार हैं."

उसने डॉक्टरों और इंजीनियरों की जरूरत को खारिज करते हुए कहा कि शरिया कानून लागू करने के लिए मदरसे में प्रशिक्षित तालिबान शैली के लड़ाकों की जरूरत है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी साजिश की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ये बयान ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सैन्य तंत्र आतंकियों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ नई साजिश रच रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर केंद्रित इस बयानबाजी का एक उद्देश्य पाकिस्तान के भीतर बढ़ते असंतोष और गुस्से से ध्यान हटाकर भारत की ओर मोड़ना भी हो सकता है.

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