ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर रजा पहलवी ने किया ट्वीट, ट्रंप से की बड़ी मांग

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच रजा पहलवी ने राष्ट्रपति ट्रंप से तत्काल मदद की अपील की है. उन्होंने गोलीबारी, संचार ब्लैकआउट और दमन का आरोप लगाया, जबकि खामेनेई ने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया.

Shraddha Mishra

ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे और निर्वासन में रह रहे रजा पहलवी ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधी अपील की है. उन्होंने कहा है कि ईरान में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं और वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं, जबकि देश में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी गई है.

रजा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश के जरिए बताया कि ईरान में न तो इंटरनेट काम कर रहा है और न ही लैंडलाइन फोन. उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया है ताकि सरकार अपने दमन को छिपा सके. उन्होंने कहा कि सड़कों पर उतरे लोग केवल गोलियों का ही नहीं, बल्कि पूरी तरह ब्लैकआउट का भी सामना कर रहे हैं.

ट्रंप से “तत्काल मदद” की अपील

अपने पोस्ट में पहलवी ने ट्रंप से कहा कि यह समय बेहद अहम है और तुरंत कार्रवाई की जरूरत है. उन्होंने लिखा कि लाखों ईरानी अपनी आजादी के लिए जान जोखिम में डालकर सड़कों पर उतरे हैं. उनका दावा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई जनता के गुस्से और अंतरराष्ट्रीय समर्थन से घबराए हुए हैं और इसी कारण हिंसक दमन का सहारा ले रहे हैं. रजा पहलवी ने कहा कि उन्होंने ईरान की जनता से एक बार फिर सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है और अगले एक घंटे में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं.

उन्होंने चेतावनी दी कि समय बहुत कम है और यदि तुरंत अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. उन्होंने ट्रंप को एक शांतिप्रिय और अपने वादों पर कायम रहने वाला नेता बताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से पहले दिए गए कड़े बयानों के कारण सुरक्षा बल कुछ हद तक पीछे हटे थे. पहलवी का मानना है कि अमेरिका का खुला समर्थन ईरानी जनता के लिए बड़ा मनोबल बन सकता है.

ईरान सरकार का सख्त रुख

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने की तैयारी में है. सरकारी बयानों और टीवी प्रसारणों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकारी चैनलों पर "अमेरिका मुर्दाबाद" जैसे नारे दिखाए गए हैं.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं और प्रदर्शनकारी अमेरिका को खुश करने के लिए देश की सड़कों पर अराजकता फैला रहे हैं. खामेनेई ने यह भी कहा कि अमेरिका को दूसरों के मामलों में दखल देने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

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